पूर्व नौसेना अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र में भेजा खतरनाक जहर
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अमेरिका में एक पूर्व नौसेना कर्मी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं को पत्र में जैविक जहर भेजने का आरोप लगा है। इन पत्रों में कास्टर के बीज पाए गए हैं, जिनसे खतरनाक राइसिन जहर निकलता है। एफबीआई के जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि यह पत्र विलियम क्लाइड एलेन तृतीय (39) ने भेजा है। हालांकि इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन पत्र भेजने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एफबीआई द्वारा अदालत में पेश दस्तावेजों में कहा गया है कि पत्रों में राइसिन जहर होने की पुष्टि हुई है। जबकि इन पत्रों में कुछ भी नहीं लिखा गया है। अमेरिकी अटॉर्नी ह्यूबर ने एलेन की मानसिक स्थिति पर टिप्पणी से इंकार किया, लेकिन कहा कि इस मामले में कुछ भी हास्यास्पद नहीं है। अदालती सुनवाई के दौरान नौसेना अधिकारी एलेन यह बताते हुए रो पड़ा कि उसकी पत्नी को रीढ़ की हड्डी में दिक्कत है और वह उसकी मदद करता है। एलन अपने परिजनों को देखकर मुस्कुराया भी था।
हो सकती है उम्रकैद की सजा
जहर देने के आरोप में यदि एलेन दोषी साबित होता है तो उसे उम्रकैद हो सकती है। उस पर धमकी देने के भी 4 आरोप हैं, जिसमें उसे 10 साल की सजा हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि ये पत्र राष्ट्रपति, एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर, रक्षा मंत्री जिम मैटिस और नौसेना के शीर्ष अधिकारी एडमिरल जॉन रिचर्डसन को भेजे गए थे। पत्रों का समय रहते पता लगा लिया गया जिससे किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचा।
पुतिन और एलिजाबेथ को भी भेजे ऐसे पत्र
एफबीआई ने बताया कि सभी पत्र राइसिन जहर से भरे पाए गए हैं। एलेन ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और वायु सेना के सचिव को भी इसी तरह के पत्र भेजे थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे लिफाफे वहां रिसीव किए गए या नहीं।