मोदी सरकार के एक साल पर विदेशी मीडिया के बोल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राजग सरकार के मंगलवार को एक साल पूरा होने के अवसर पर अमेरिकी मीडिया ने उनकी सरकार की उपलब्धियों पर आलोचनात्मक रुख जाहिर किया है।
अमेरिकी मीडिया ने कहा कि मोदी सरकार का ‘मेक इन इंडिया’ ज्यादातर सुर्खियों में रहा और काफी उम्मीदों के बीच रोजगार में वृद्धि की दर धीमी रही। हालांकि भारत में कारोबार करना आसान बनाने की दिशा में प्रगति हुई। सरकार की बाजार और उपभोक्ता नीतियों ने निवेशकों को प्रोत्साहित किया।
‘इंडियाज मोदी एट वन ईयर
वॉल स्ट्रील जर्नल ने ‘इंडियाज मोदी एट वन ईयर: यूफोरिया फेस इज ओवर चैलेंजेज लूम’ शीर्षक से लिखे लेख में कहा, ‘भारतीय मतदाताओं ने बदलाव और अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नरेंद्र मोदी को जनादेश दिया, लेकिन एक साल बाद भी हकीकत नहीं बदली।’ सरकार का ‘मेक इन इंडिया’ ज्यादातर सुर्खियों में रहा, लेकिन आर्थिक मानक बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अभी भी लड़खड़ा रही है।
दूर से भारत चमकता हुआ सितारा
न्यूयॉर्क टाइम्स ने ‘आफ्टर ए ईयर ऑफ आउटसाइज एक्सपेक्टेशंस, मोदी एडजस्ट्स हिज पोलिटिकल कोर्स फॉर इंडिया’ नामक शीर्षक से लिखा है, ‘दूर से देखने पर भारत चमकता हुआ सितारा नजर आ रहा है और उसके इस साल चीन को पछाड़कर विश्व की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।
हालांकि रोजगार में वृद्धि की रफ्तार सुस्त बनी हुई है।’ इसके अलावा मोदी के दो सुधारों को विपक्षी दलों ने रोक दिया है। साथ ही उन पर ‘गरीब एवं किसान विरोधी’ होने का आरोप लगा रहे हैं। लिहाजा मोदी को जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।’