अमेरिका: करीब 3 हजार करोड़ में बिकी 500 साल पुरानी जीसस की पेंटिंग
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अमेरीका के न्यू यॉर्क में जीसस क्राइस्ट की कई सदियों पुरानी पेंटिंग को करीब 2940 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। ईसा मसीह की इस 500 साल पुरानी पेंटिंग का नाम साल्वाडोर मुंडी (दुनिया के संरक्षक) है जिसे लियोनार्दो द विंची ने बनाया था। इस पेंटिंग की नीलामी ने दुनिया में अब तक सबसे महंगी कलाकृति बनने का रिकॉर्ड बनाया है।
मशहूर कलाकार लियोनार्दो द विंची ने साल 1519 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। दुनिया में इस समय उनकी 20 से कम पेंटिंग मौजूद हैं। लगभग तीन हजार करोड़ रुपये देकर खरीदा गया है। हालांकि पेंटिंग खरीदने वाले का नाम गुप्त रखा गया है।
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न्यू यॉर्क में नीलामी के दौरान खरीददार ने 20 मिनट तक टेलीफोन पर बात करते हुए इस पेंटिंग के लिए 40 करोड़ डॉलर की अंतिम बोली लगाई। फीस के साथ इसकी कीमत करीब 45 करोड़ डॉलर हो गई।
बीबीसी संवाददाता विंसेंट डॉद कहते हैं कि अब तक ये आम सहमति नहीं बनी है कि ये लियोनार्दो द विंची की पेंटिंग है। एक क्रिटिक कहते हैं कि पेंटिंग की सतह पर अब तक इतनी बार काम हो चुका है कि ये एक ही समय में नई और पुरानी लगती है।
वल्चर डॉट कॉम पर जेनी साल्ट्ज लिखती हैं, "अगर कोई निजी संग्रहकर्ता इस पेंटिंग को खरीदकर अपने अपार्टमेंट और स्टोर में रखता है तो ये उसके लिए ठीक है।" माना जाता है कि ये पेंटिंग 15वीं सदी में इंग्लैंड के राजा चार्ल्स प्रथम की संपत्ति थी।
चार साल पहले रूसी संग्रहकर्ता दमित्री ई रयाबोलोव्लेव ने इस पेंटिंग को 12।7 करोड़ डॉलर में खरीदा था। 19वीं सदी की पेंटिग और अन्य कलाकृतियों के क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉ टिम हंटर इस पेंटिंग को 21वीं सदी की सबसे बड़ी खोज बताते हैं।