जानिए क्या है पैगंबर मोहम्मद साहब विरोधी फिल्म में

न्यूयार्क/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 14 Sep 2012 12:33 PM IST
film on mohammad paigambar creates furor
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अमेरिका के एक यहूदी फिल्मकार की कथित पैगंबर मोहम्मद साहब विरोधी फिल्म को लेकर लीबिया में बवाल के बाद दुनिया भर में अमेरिकी मिशनों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारत में भी अमेरिकी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन


मालूम हो कि इस मसले में अमेरिकी राजदूत जे. क्रिस्टोफर स्टीवेंस और 3 अन्य राजनयिकों की गुस्साए लोगों ने हत्या कर दी थी। ये लोग पड़ोसी देश मिस्र से आई उन खबरों से भड़के थे, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका में बनी एक फिल्म में इसलाम का अपमान किया गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिससे कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।


फिल्म, जिस पर मचा बवाल
अमेरिका स्थित कॉप्टिक ग्रुप ने ‘इनोसेंस ऑफ मुसलिम्स’ ऑनलाइन फिल्म का निर्माण किया है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में ‘अपमानजनक’ बातें कहीं गई हैं। इस फिल्म के निर्माताओं में वह पादरी भी शामिल हैं, जिन्होंने कुरान की प्रतियां जलाईं थीं। फिल्म का कुछ हिस्सा यू-ट्यूब पर पोस्ट करने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया।

कौन है फिल्म का निर्माता?
फिल्म को इस्राइली-अमेरिकी निर्माता सैम बेसाइल ने बनाया है। सैम खुद को यहूदी बताते हैं और रियल स्टेट कारोबारी हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सैम बेसाइल ने लगभग 50 लाख डॉलर में ये मूवी बनाई है, जो उन्होंने 100 यहूदियों से मांग कर जमा किया था। फिल्म का प्रोमोशन फ्लोरिडा के पादरी टेरी जोंस ने किया है। जोंस के खिलाफ पूर्व में भी कुरान की प्रति जलाने पर प्रदर्शन हुए थे। इस फिल्म को अरबी में भी डब किया गया है।

इस पूरी फिल्म की कहानी के बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन फिल्म को दो भागों में बांटा जा सकता है। पहले हिस्से में दिखाया गया है कि मिस्र में इसलामी चरमपंथी किस तरह से वहां रहने वाले कॉप्टिक ईसाइयों को सताते हैं, जबकि दूसरे हिस्से में पैगंबर मोहम्मद के जीवन की कहानी दिखाई गई है। पूरी फिल्म करीब 2 घंटों की है, लेकिन ज्यादातर लोगों ने जो फिल्म का हिस्सा देखा है वो फेसबुक और यू-टयूब पर दिखाई जाने वाली फिल्म्ा का ट्रेलर है।

एक ट्रेलर 14 मिनट का है। ट्रेलर को देखने के बाद लगता है कि इसलाम के बारे में जो भी बातें कही गई हैं वो कलाकारों ने शूटिंग के दौरान नहीं कही, बल्कि उसे बाद में डब किया गया है। फिल्म में पैगंबर मोहम्मद की भूमिका एक युवा अमेरिकी नागरिक ने निभाई है, लेकिन उनके बारे में कोई नहीं जानता।

गिरजाघरों की सुरक्षा कड़ी
लीबिया से चली हिंसक प्रदर्शनों की लहर में आते दिखाई दे रहे न्यूयार्क शहर में पश्चिम एशियाई मूल वाले कॉप्टिक ईसाइयों के गिरजाघरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। न्यूयार्क पुलिस के अनुसार, 'हमें कोई सुबूत नहीं मिला है कि कॉप्टिक को निशाना बनाया जाएगा अथवा नहीं, लेकिन चूंकि इस वीडियो और कॉप्टिक ईसाइयों के बीच कुछ संबंध था तो हमने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।'

भारत ने जताई चिंता
भारत ने लीबिया में अमेरिकी राजदूत की हत्या पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही देश में अमेरिकी दूतावास और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी है। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि अमेरिकी दूतावासों और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में दूतावास समेत मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भी हैं।

पूर्वनियोजित था हमला
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि लीबिया के बेंगाजी शहर में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर किया गया हमला पूर्वनियोजित था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी संगठन अंसार-अल-शर्रियत से संबद्ध लोगों ने ही संभवत: इस हमले को अंजाम दिया। इसके अलावा आतंकवादी संगठन अलकायदा की अरब देशों में सक्रिय इकाई के भी इस हमले के पीछे होने की बात कही जा रही है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00