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फेसबुक का बड़ा कदम, चुनाव पूर्व बंटवारे की राजनीति में जुटे 32 फर्जी खाते बंद किए

Wed, 01 Aug 2018 04:29 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Updated Wed, 01 Aug 2018 04:29 PM IST
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Facebook removed 32 bogus accounts that affected US midterm elections
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फेसबुक ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ऐसे फर्जी खातों की पहचान की है जो राजनीतिक फायदे के लिए चुनाव प्रचार में बाधा पहुंचाने के मकसद से बनाए गए। कंपनी ने सामाजिक मुद्दों पर बंटवारे की गतिविधियों में संलिप्त ऐसे 32 पेजों और फर्जी खातों को हटा दिया है। इससे पता चलता है कि 2016 के आम चुनाव को प्रभावित करने में रूस की भूमिका रही है।
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हालांकि फेसबुक ने 2018 के मध्यावधि चुनाव अभियान को रूस के साथ लिंक नहीं किया है लेकिन कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक इन खातों में जिन उपकरणों या तकनीकी रिसर्च एजेंसी का इस्तेमाल किया गया वह रूस के उन लोगों से संबंधित हैं जिन पर 2016 में राष्ट्रपति चुनाव पर हस्तक्षेप का आरोप लग चुके हैं।
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साइबर सुरक्षा नीति के फेसबुक प्रमुख नथलीन ग्लेशर ने कहा, जांच के एकदम शुरूआती चरण में हमने फर्जी खातों को हटाया है। फिलहाल हमारे पास इस बात के निश्चित सबूत नहीं हैं कि इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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फेसबुक ने कहा है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की तुलना में इन खाताधारकों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए कई अकाउंट बनाए हैं। कंपनी ने अपने ब्लॉग में कहा कि उसने फेसबुक पर 17 और इंस्टाग्राम पर सात संदिग्ध खातों की पहचान की है जिनसे 9,500 से ज्यादा पोस्ट की गईं।

इन पोस्ट की सामग्री इंस्टाग्राम पर एक जैसी पाई गई। इनमें एक पेज ऐसा भी था जिसे 2.90 लाख से ज्यादा लोग फॉलो कर रहे थे। यही नहीं बल्कि इन खातों पर करीब 150 विज्ञापन चल रहे थे जिनकी कुल ललागत 11 हजार डॉलर है।


इन उपकरणों का किया इस्तेमाल

फेसबुक के मुताबिक रूस स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने पहले की तुलना में इस बार फर्जी खाताधारकों की पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क्स (वीपीएनएस) का सहारा लिया है। इसके अलावा विज्ञापन चलाने के लिए तीसरी पार्टी का उपयोग किया। यह पूरी प्रक्रिया इस तरह अपनाई गई कि कंपनी अधिकारी रूस के आईपी एड्रेस की पहचान तक नहीं कर पाए।
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