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फेसबुक ने माना, लोकतंत्र के लिए खतरा है सोशल मीडिया साइट 

Tue, 23 Jan 2018 05:23 PM IST
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Updated Tue, 23 Jan 2018 05:23 PM IST
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Facebook Accept that social media sites are dangerous for democracy
Facebook's founder Mark Zuckerberg

फेसबुक ने आखिरकार मान लिया कि यह सोशल मीडिया साइट लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। फेसबुक के तीन उच्च अधिकारियों ने मंगलवार को ब्लॉग में लिखा कि 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बीच जब साइट पर नकारात्मक प्रभाव, फर्जी खबरें, रूस का हस्तक्षेप बढ़ रहा था, तब साइट की इसके खिलाफ प्रतिक्रिया बेहद धीमी थी। 

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फेसबुक की ग्लोबल पॉलिसी एंड गवर्नमेंट आउटरीच निदेशक कैटी हरबाथ ने लिखा, पहले सोशल मीडिया को सकारात्मक समझा जाता था, लेकिन पिछले अमेरिकी चुनाव के बाद इसे बदल दिया। फेसबुक को फेक न्यूज को रोकने के लिए तेजी से कदम उठाने चाहिए थे। 
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फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजर समिध चक्रवर्ती ने लिखा, कुछ बुरे तत्व हमारे प्लेटफार्म को नुकसान पहुंचा रहे थे, लेकिन अब उन्हें रोक नहीं पाए। रूस ने सूचना हथियार का प्रयोग किया। उसके 80 हजार पोस्ट 12.6 करोड़ अमेरिकियों तक पहुंच गए। इसने दो साल में लोगों की सोच को काफी प्रभावित किया। 
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चक्रवर्ती ने लिखा, बिना पारदर्शिता के राजनेताओं के खुद उनके शब्दों के लिए जवाबदेही तय नहीं की जा सकती है। लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा क्योंकि हमारे नेताओं के वादों की पूरी तस्वीर हमारे पास उपलब्ध नहीं थी। यह विदेशी हस्तक्षेप से बड़ी समस्या है, लेकिन हमें उम्मीद है कि पारदर्शिता के नए मानकों से हम इन दोनों चुनौतियों से निपट लेंगे। 

उन्होंने बताया कि कंपनी दस हजार कर्मचारियों की भर्ती करेगी, ताकि सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और फेसबुक कंसल्टेंट कैस सनस्टीन ने लिखा, फेसबुक को बदलाव के लिए प्रयोग करने चाहिए। मार्च में इटली में आम चुनाव होंगे फेसबुक का एक बाद फिर से टेस्ट होगा। वहां अभी से फेसबुक पर फेक न्यूज के आरोप लग रहे हैं। 


नुकसान की भरपाई में लगा फेसबुक
अब फेसबुक इस नुकसान की भरपाई की कोशिश में लगा है। फेसबुक ने हाल में न्यूज फीड में बड़ा बदलाव कर दोस्त और परिवार के पोस्ट को प्राथमिकता देना शुरू किया है और बिजनेस, ब्रांड और मीडिया को कम महत्व दिया जा रहा है। एक अन्य पहल के तहत यूजर से पूछकर सिर्फ विश्वास योग्य मीडिया संस्थानों की खबरें फीड में दिखाने की कोशिश की जाएगी, ताकि धीरे-धीरे फेक न्यूज प्लेटफार्म से हट जाएं। 

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