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विशेषज्ञों का बड़ा खुलासा, भरोसे के काबिल नहीं है ड्रोन

Tue, 01 Dec 2015 09:06 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 01 Dec 2015 09:06 AM IST
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Experts says, Don't trust Drone

ओबामा सरकार के मध्य पूर्व में मध्य पूर्वे ड्रोन से आतंकियों पर हमला करने के कार्यक्रम पर अमेरिका के पूर्व ड्रोन ऑपरेटर्स और टेकनीशियंस ने खुलासा किया है।

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ड्रोन कार्यक्रम के पूर्व ऑपरेटर्स ने अपने अनुभव को ड्रोन पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रोमोशन के दौरान बताया। गार्डियन के अनुसार माइकल हास जो यूएस एयरफोर्स में सीनियर एयरमैन के तौर पर कार्यरत थे और मिसाइल को सही टारगेट पर अटैक करने का निर्देष देते थे ने अपने बुश और ओबामा प्रशासन के दौरान हुए अनुभव इस कार्यक्रम में साझा करे।
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उन्होंने बताया कि समय के साथ कर्मियों के काम में गुणवत्ता की कमी होती गयी और ओबामा प्रशासन में सराहनीय बात सिर्फ टारगेट को निशाना बनाने तक रह गयी है चाहे अंजाम कुछ भी हो।
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हास याद करते हुए कहते हैं ट्रेनिंग के दौरान लोग बच्चों को 'फन साइज टेरेरिस्ट' और 'टेरेरिस्ट इन ट्रेनिंग' के नाम से बुलाते हैं और उनका सिर्फ एक ही उद्देश्य रहता है कि घांस को ज्यादा लंबा होने से पहले ही काट दो। उनका रवैया सिर्फ ये होता है कि किसी भी तरह मानवता को खत्म कर दिया जाए।

वो कागज का टुकड़ा मुझपर काफी भारी पड़ गया

Experts says, Don't trust Drone

ब्रिटेन की ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेटिव जर्नालिज्म के अनुसार ड्रोन कार्यक्रम के चलते पिछले पांच सालों में 2400 लोगों की जान गयी। ओबामा प्रशासन अपने ‌इस कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहता है कि ड्रोन से हमला वह गहन निरीक्षण के बाद ही करता है और उन्हीं को निशाना बनाता है जिनसे अमेरिका को खतरा होता है।

लेकिन इंटरसेप्ट की रिपोर्ट कुछ और ही बयान करती है जिसके अनुसार अफगानिस्तान में जनवरी 2012 और फरवरी 2013 के बीच यूएस स्पेशल फोर्सेस ने 35 लोगों को निशाना बनाया,लेकिन असलियत में 200 लोगों की जान चली गयी थी।

वहीं टेक्‍निशयन के तौर पर ड्रोन कार्यक्रम के कार्य करने वाले सियान वेस्टमोरलैंड कहते हैं कि उन्हें रिपोर्ट मिली जिसमें कहा गया था कि अफगानिस्तान 200 दुश्मनों को मारने में उनका योगदान रहा है। वो कहते हैं वे सभी दुश्मन नहीं ‌थे और घर लौटकर उनको सपने आते रहे की बच्चों और महिलाओें की मौत में उनका हाथ था। इसके चलते उन्हें डॉक्टरी सलाह भी लेनी पड़ी। वो कागज का टुकड़ा मुझपर काफी भारी पड़ गया है।

यूएस एयरफोर्स के पूर्व ड्रोन ऑपरेटर ब्रांडन ब्रायंट कहते हैं उन्होंने पांच निशाने लगाए जिसमें 13 लोगों की मौत हुई जिसमें से 10 जरूरी नहीं की दुश्मन थे।

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