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काठमांडू क्षेत्र में फिर से मंडरा रहा विनाशकारी भूकंप का खतरा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 07 Dec 2016 01:00 AM IST
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earthquake
नेपाल में फिर से विनाशकारी भूकंप का खतरा मंडरा रहा है। अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंस लेटर्स जर्नल में प्रकाशित हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि नेपाल में पिछले साल आए 7.8 तीव्रता से भी शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप काठमांडू एवं हिमालयन फ्रंटल फॉल्ट को दहला सकता है।
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उन्होंने साल 2015 में नेपाल में आए भूकंप के बाद क्षेत्रीय अध्ययन एवं विश्लेषण किया था। इस भूकंप ने भीषण तबाही मचाई थी, जिसमें कम से कम नौ हजार लोगों की जान चली गई थी। अमेरिका के नेवाडा विश्वविद्यालय के स्टीव वेस्नोस्की 20 साल से हिमालयन फ्रंटल फॉल्ट का अध्ययन कर रहे हैं। स्टीव ने काठमांडू के आसपास भूकंप के अवशेषों पर कई शोध करने के साथ ही मिट्टियों और भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का अध्ययन किया, जो दो हजार साल से भी ज्यादा पुराने प्रतीत होते हैं।
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उनके मुताबिक यह पिछले भूकंप से ज्यादा विनाशकारी हो सकता है। बीते साल आए भूकंप और उसके बाद आए झटकों को अगले विध्वंसक भूकंप की चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है। इस टीम के नतीजों से पता चलता है कि त्रिवेणी स्थल भीषण भूकंप से पहले होने वाली हलचल की ओर या तो बढ़ रहा है या फिर उसके अंतिम चरण में है।
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इससे जमीन में 15 से 30 फुट ऊंची दरारें पड़ सकती हैं। स्टीव ने कहा, ‘हमारे आकलन से पता चलता है कि हिमालयन फ्रंटल थ्रस्ट फॉल्ट का यह क्षेत्र त्रिवेणी से बागमती तक करीब 200 किलोमीटर का है। काठमांडू के पास आने वाला अगला भीषण भूकंप पहले की अपेक्षा अधिक क्षेत्र में दरार पैदा कर सकता है।