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अमरीकी चुनाव :टीवी बहस की पुरानी परंपरा

Fri, 05 Oct 2012 10:53 AM IST
Updated Fri, 05 Oct 2012 10:53 AM IST
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ज़ुबैर अहमद

बीबीसी संवाददाता

बुधवार को अमरीका के राष्ट्रपति और डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी के बीच टेलीविज़न पर तेज़ बहस हुई.

हालांकि ये पहली बहस थी, लेकिन ये कहा जा रहा है इस बहस में मिट रोमनी का पलड़ा भारी थी.

इस बहस के बाद अब राष्ट्रपति बराक ओबामा को छह नवंबर को चुनाव से पहले दो अवसर और मिलेंगे.

दूसरी बहस 16 अक्तूबर को होगी जबकि आखरी बहस 22 अक्तूबर के दिन होगी.

राष्ट्रपति पद के लिए दोनों उम्मीदवारों के बीच तीन बहस के अलावा उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बहस भी होनी है.

टीवी कैमरे और लाइट की चमक दमक के तले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच बहस को अमरीका में गंभीरता से लिया जाता है.

करोड़ों लोग इस बहस को टीवी पर देखते हैं.

बहस एक मुहिम

टीवी पर बहस करना अमरीकी चुनाव की मुहिम का एक अहम हिस्सा है.

औपचारिक रूप से टीवी पर सबसे पहली बहस वर्ष 1960 में हुए चुनाव के दौरान हुई थी.

रिचर्ड निक्सन और जॉन ऍफ़ कैनेडी के बीच चार बार बहस हुई थी. उस समय इसे टीवी पर 6 करोड़ 60 लाख अमरीकयों ने देखा था और उस समय पूरे देश की आबादी थी 18 करोड़ थी.

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इसके बाद टीवी पर बहस अगले चार चुनावों में नहीं कराई गई. लेकिन टीवी पर बहस का सिलसिला एक बार फिर वर्ष 1976 में होने वाले चुनाव के दौरान शुरू हुआ.

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जेराल्ड फोर्ड और जिमी कार्टर के बीच तीन बार आमने सामने बहस हुई. टीवी पर होने वाली बहस की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है की वर्ष 1980 में होने वाली बहस को आठ करोड़ लोगों ने टीवी पर देखा जब की उस समय अमरीका की आबादी 22 करोड़ से थोड़ा ज्यादा थी.

अमरीका में आम तौर से ये समझा जाता है की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के बीच होने वाली बहस टीवी की देन हैं. लेकिन दरअसल ये एक पुरानी परंपरा है.

पुरानी परंपरा

अमरीकी चुनाव पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञ कहते हैं राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन और उनके प्रातिद्वंदी स्टेफेन डगलस के बीच सात बार आमने सामने बहस हुई थी.

हर उम्मीदवार को एक घंटे तक बोलने का मौक़ा दिया गया था. आज की तरह उन दिनों बहस के दौरान कोई संचालक नहीं होता था. बहस इतनी लंबी होती थी कि इसमें जनता की रुचि कम होने लगी थी.

इसके बाद बीसवीं शताब्दी में पहली बार रेडियो पर बहस वर्ष 1948 में हुई.

उस दौरान टीवी की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी. कहा जाता है कि टीवी पर होने वाली बहस का आइडिया सब से पहले वर्ष 1956 में मारिलैंड यूनिवर्सिटी के छात्रों ने दी.

उस साल बहस तो न हो सकी लेकिन वर्ष 1960 में होने वाले अगले चुनाव में निक्सन और कैनेडी दोनों उम्मीदवारों ने इस आइडिया को अपनाया और इस तरह से इस बहस का सिलसिला शुरू हुआ जो अब तक जारी है.

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