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डोनाल्ड ट्रंप ने किया बंदूक रखने के नियमों में सुधार का समर्थन

Tue, 20 Feb 2018 10:23 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Tue, 20 Feb 2018 10:23 PM IST
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Donald Trump supports initiative for improving the law of keeping guns
डोनाल्ड ट्रंप
किसी को बंदूक रखने की इजाजत देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की बेहतर ढंग से जांच करना जरूरी बनाने के प्रयासों का अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'समर्थन' किया है। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी है।
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ट्रंप ने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निग से द्विदलीय विधेयक पर बात की है। इस विधेयक में किसी को भी बंदूक खरीदने की इजाजत देने से पहले की जाने वाली जांच प्रक्रिया को सुधारने का प्रस्ताव रखा गया है।
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इस मामले में ताजा प्रगति फ्लोरिडा के एक स्कूल में हुई फायरिंग के बाद हुई है। पिछले बुधवार को स्कूल में गोलीबारी करके 17 लोगों की जान लेने वाले संदिग्ध ने कानूनी रूप से बंदूक खरीदी थी।
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इस घटना के संदिग्ध निकोलस क्रूज ने पिछले साल सात राइफल खरीदी थीं, जबकि 2016 में फ्लोरिडा मेंटल हेल्थ वर्कर्स उनके मानसिक स्वास्थ्य की जांच कर रहे थे। इन्हीं में से एक राइफल से बुधवार की घटना को अंजाम दिया गया।

इस स्कूल के छात्रों ने हथियारों पर नियंत्रण के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख पर कहा, "अभी चर्चा चल रही है और सुधारों पर विचार चल रहा है। राष्ट्रपति फेडरल बैकग्राउंड चेक सिस्टम को बेहतर बनाए जाने के प्रयासों के प्रति समर्थन भरा रवैया रखते हैं।"

अभी क्या चेक किया जाता है? 

अगर अमरीका में कोई भी शख्स बंदूक खरीदना चाहता है तो लाइसेंस धारी फेडरल डीलरों को उसकी पृष्ठभूमि की जांच करनी होती है।

बंदूक खरीदना चाह रहे लोगों को एक फॉर्म में अपने बारे में जानकारी देनी होती है और बताना होता है कि उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि तो नहीं है।

इसके बाद इस जानकारी को एफबीआई के नैशनल इंस्टेंट क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक सिस्टम (एनआईसीएस) को दिया जाता है। एनआईसीएस ने पिछले साल ऐसे 2 करोड़ 25 लाख आवेदनों की जांच की थी।

लेकिन इस सिस्टम में कुछ खामियां हैं क्योंकि इसमें वही जानकारियां दर्ज होती हैं, जो किसी शख्स के अपराध में दोषी पाए जाने या उसका मानसिक स्वास्थ्य ठीक न होने पर संघीय अधिकारियों की तरफ से मुहैया करवाई गई होती हैं।

इस प्रणाली की नाकामी उस समय भी सामने आई थी, जब अमरीकी एयर फोर्स ने स्वीकार किया था कि टेक्सस में 26 लोगों को मारने वाला शख्स पहले भी घरेलू हिंसा के मामले में दोषी पाया गया था और एयर फोर्स इसकी जानकारी एनआईसीएस को देने में नाकाम रही थी।

क्या बदलाव हो सकते हैं? 

टेक्सस शूटिंग के बाद रिपब्लिकन सीनेटर कॉर्निन और डेमोक्रैटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने द्विदलीय बिल पेश किया था।

इस बिल में प्रस्ताव रखा गया है कि केंद्रीय एजेंसियों को बैकग्राउंड रिपोर्ट गंभीरता से और सटीकता से तैयार करनी होगी।

अभी तक यह प्रस्ताव मात्र है और कांग्रेस ने इसे पास नहीं किया है।

सोमवार को मर्फी ने कहा कि राष्ट्रपति की तरफ से इस बिल को समर्थन मिलना दिखाता है कि बंदूकों से संबंधित हिंसा पर होने वाली राजनीति तेजी से बदल रही है। मगर उन्होंने यह भी कहा कि किसी को यह नहीं समझना चाहिए कि इस बिल से ही समस्या सुलझ जाएगी।


गन कंट्रोल पर क्या सोचते हैं ट्रंप

समय के साथ गन कंट्रोल पर ट्रंप के नजरिये में बदलाव आया है। अभी वह नियमों में बदलाव को लेकर समर्थन भरा रुख दिखा रहे हैं लेकिन 2016 में राष्ट्रपति पद की दौड़ के दौरान उन्होंने गन कंट्रोल का विरोध किया था।

पिछले साल नैशनल राइफल असोसिएशन के अधिवेशन में उन्होंने कहा था कि वह हथियार रखने के संवैधानिक अधिकार में कभी भी दखल नहीं देंगे।
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