{"_id":"5bacc2cb867a5520833a7b08","slug":"donald-trump-said-the-friendship-ended-with-xi-jinping","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका Vs चीन: बहुत हो गई दोस्ती अब दुश्मनी देखेगी दुनिया","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
अमेरिका Vs चीन: बहुत हो गई दोस्ती अब दुश्मनी देखेगी दुनिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 27 Sep 2018 05:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी दोस्ती अब खत्म हो चुकी है। यही नहीं बल्कि ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिका के आगामी चुनावों में वह उनकी जीत की संभावनाओं को कमजोर करने की कोशिशों में लगा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में दुनिया के बड़े नेताओं के सामने कही।
विज्ञापन
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और कई अन्य मुद्दों पर चल रही तनातनी के बीच ट्रंप ने कहा, चीन चाहता है कि छह नवंबर से अमेरिका में होने वाले मध्यवर्ती चुनावों में उन्हें हार मिले और ट्रेड टैरिफ के मसले पर वह उनसे बदला ले सके। ट्रंप ने कहा कि चीन नहीं चाहता है कि मैं जीतूं, क्योंकि मैं ऐसा पहला अमेरिकी राष्ट्रपति हूं जिसने उन्हें व्यापार मुद्दे पर चुनौती दी है। हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि चीन किस तरह चुनाव में दखल दे रहा है। पहले भी ट्रंप ने चीन पर आरोप लगाए थे जिन्हें चीन नकार चुका है। इस बार भी चीन के विदेश मंत्री ने ट्रंप के दावों को अनुचित आरोप कहकर खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
ट्रंप ने व्यापार मुद्दों पर चीन से जीत हासिल करने का दावा करते हुए कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि चीन हमारे चुनाव में दखल दे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के तरीकों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी लेकिन ट्रंप ने इस दौरान चीन को निशाना बनाने की कोशिश की।
विज्ञापन
चीन ने कहा, हम अनुचित आरोपों को स्वीकार नहीं कर सकते
अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों के जवाब में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सुरक्षा परिषद से कहा कि चीन दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता है। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा से दूसरे देशों के घरेलू मामलों में दखलंदाजी नहीं करने के सिद्धांत का पालन करता आया है और यही चीनी विदेश नीति की परंपरा है। चीनी विदेश मंत्री ने कहा, हमने न तो पहले दूसरे देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप किया है और न ही आगे ऐसा करेंगे। हम चीन पर लगाए गए अनुचित आरोपों को स्वीकार नहीं कर सकते।