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डोनाल्ड ट्रंप को कंप्यूटर पर विश्वास नहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसी पर उठाए सवाल

Mon, 02 Jan 2017 03:45 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/वाशिंगटन Updated Mon, 02 Jan 2017 03:45 AM IST
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donald trump raised questions on US intelligence agency

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साइबर हैकिंग मामले में एक बार फिर से खुलकर रूस का बचाव किया है। साथ ही उन्होंने मामले में अमेरिकी खुफिया एजेंसी को कठघरे में खड़ा कर दिया।

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शनिवार को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में नए साल के समारोह के दौरान ट्रंप ने कहा कि इससे पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इराक के पास भारी मात्रा में विध्वंसक हथियार होने का दावा किया था, जिसके चलते अमेरिका ने 2003 में उस पर आक्रमण किया था। हालांकि बाद में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की यह रिपोर्ट झूठी निकली।’
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20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने जा रहे ट्रंप ने कहा, ‘रूस के खिलाफ साइबर हैकिंग के आरोप बेहद गंभीर है। लिहाजा मैं मामले में सुनिश्चित होना चाहता हूं।’ वह मामले को लेकर खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात भी करेंगे। दरअसल, अमेरिका का आरोप है कि रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जिताने के लिए साइबर हैकिंग की थी। इसके बाद अमेरिका ने रूस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और उसके 35 राजनयिकों को देश से निकाल दिया।

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डोनाल्ड ट्रंप को कंप्यूटर पर विश्वास नहीं

donald trump raised questions on US intelligence agency

ओबामा प्रशासन ने कहा कि ये राजनयिक रूसी जासूस थे, लेकिन रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के खातिर अमेरिका के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं की। साथ ही अमेरिकी राजनयिकों का पूरा ख्याल रखने की बात कही।

पुतिन को उम्मीद है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद हालात बदलेंगे। उधर, ट्रंप ने कहा कि अगर साइबर हैकिंग मामले में संदेश की तनिक भी गुंजाइश है, तो अमेरिका की ओर से रूस पर आरोप लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा कि वह हैकिंग के बारे में काफी जानते हैं, लेकिन हैकिंग को साबित करना बेहद कठिन काम है।

डोनाल्ड ट्रंप को कंप्यूटर पर विश्वास नहीं

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही ट्वीटर का खूब इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनको कंप्यूटर पर भरोसा नहीं है। यही वजह है कि वह ई-मेल और कंप्यूटर का बेहद कम इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने ऑनलाइन संचार सुरक्षा पर नए सिरे से संदेह जताया है।

ट्रंप ने कहा कि जहां तक निजी सूचना को गोपनीय रखने की बात है, तो कोई भी कंप्यूटर सुरक्षित नहीं हैं। अगर आपके पास वास्तव में कोई महत्वपूर्ण जानकारी है, तो उसको कहीं लिख लें और कोरियर के जरिए भेजें। साइबर हैकिंग मामले में रूस का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि हैकिंग के मामले में जितना वह जानते हैं, उतना कोई दूसरा नहीं जानता है।

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