विरोध के बाद ट्रम्प से वापस ली गई मानद उपाधि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रम्प के मुस्लिमों पर दिए गए विवादित बयान के बाद स्कॉटिश विश्वविद्यालय ने उनको दी गई मानद उपाधि को वापस ले लिया है। हाल ही में ट्रम्प ने अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।
ट्रम्प को साल 2010 में रॉबर्ट गॉर्डन विश्वविद्यालय (आरजीयू) ने डॉक्टरेट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मानद उपाधि से सम्मानित किया था। ट्रम्प का यह विवादित बयान कैलिफोर्निया में हुए एक हमले के बाद आया था जिसमें एक दंपत्ति ने अंधाधुंध फायरिंग कर 14 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। इस हमले में कई लोग घायल भी हुए थे।
जांच में पाया गया कि ये दंपप्ति इस्लामिक स्टेट (आईएस) प्रमुख बगदादी के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए एक फेसबुक पोस्ट भी किया था। इस खुलासे के बाद ट्रम्प ने अपने बयान में कहा था कि अमेरिका में 'मुस्लिमों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध' लगा देना चाहिए।
विश्वविद्यालय ने वापस ली उपाधि
उनके इस बयान के बाद उनकी जमकर आलोचना भी हुई। ट्रम्प के इस बयान के बाद एक ऑनलाइन याचिका दायर कर उनके इस विवादित बयान के लिए उनसे मानद सम्मान को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की अपील की गई थी।
इस हफ्ते दायर की गई इस याचिका पर 70 हजार से ज्यादा लोगों ने दस्तखत किए थे। जिसके बाद विश्वविद्यालय ने ट्रम्प को दी गई मानद उपाधि को वापल लेने का फैसला किया।
आरजीयू के प्रवक्ता ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि, 'यूनिवर्सिटी ने डोनाल्ड ट्रम्प को दिए गए मानद उपाधि का वापस लेने का फैसला किया है।' विश्वविद्यालय ने कहा कि ट्रम्प का इस्लाम के प्रति जो नजरिया है वह उनके लोकाचार और मूल्यों के खिलाफ है।