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विशाल सींगों और बड़ी नाक वाले डायनासोर!
Updated Mon, 22 Jul 2013 07:42 AM IST
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उत्तरी अमेरिका के यूटा के रेगिस्तान में वैज्ञानिकों ने डायनासोर की एक नयी असाधारण प्रजाति का पता लगाया है।
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इसलिए इसका नाम नासुटोसेराटॉप्स रखा गया है जिसका अर्थ है बड़ी नाक और विशाल सींगों वाला।
पुरातत्व विज्ञानियों के अनुसार उन्होने इस तरह का जानवर पहले कभी नहीं देखा है।
यूटा के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय और यूटा विश्वविद्यालय के डॉक्टर मार्क लोवेन ने बीबीसी को बताया '' इस डायनासोर ने हमें वाकई झकझोर कर रख दिया। हमने कभी भी इस तरह दिखने वाले डायनासोर की कल्पना नहीं की थी। यह अपने समूह के सभी जानवरों से पूरी तरह अलग है।''
भयानक शाकाहारी जीव
इस विशाल जानवर की खोज पहली बार 2006 में यूटा के एक क्षेत्र में हुई थी।
मार्क लोवेन ने कहा कि उन्हें इसके जीवाश्मों का विस्तार से अध्ययन करने में कई साल लग गये।
ये अवशेष 75 साल पुरानी एक चट्टान में मिले हैं। जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है की ये जानवर बीते क्रीटेशस युग में ज़मीन पर घूमा करते थे।
उन्होने कहा कि इस समूह के डायनासोर के समूहों में इस प्रजाति के सींग सबसे बड़े पाए गये। इसके सींग आगे की तरफ़ और किनारों पर फैले हुए हैं।
इसके अलावा अपने समूह में इस डायनासोर की नाक भी सबसे ज़्यादा बड़ी है।
2.5 टन के वजन वाला यह डायनासोर बहुत भारी था और असाधारण दिखने की वजह से यह बहुत भयानक भी दिखता होगा।
जीवाश्मों का खजाना?
लेकिन ट्रायसेराटॉप्स समूह के अन्य सदस्यों की तरह ही यह विशाल जानवर भी शाकाहारी ही था ।
नासुटोसेराटॉप्स नामक यह डायनासोर उत्तरी अमरीका में अब तक खोजी गयी प्रजातियों में से एक है।
जिस रेगिस्तान में यह खोज की गयी वह क्षेत्र कभी लारमीडीया महाद्वीप के अंतर्गत आता था जिसे जीवाश्मों के खजाने के रूप में जाना जाता है।
यहाँ इसी तरह के दो और शाकाहारी डायनासोर खोज की गयी थी, जो कि नासुटोसेराटॉप्स नामक इस जीव से मिलते जुलते थे।
डॉक्टर लोवेन के अनुसार ये सभी जानवर तीन टन से ज़्यादा के वजन के थे और जिस तरह का माहौल वहाँ था उससे लगता है कि शायद भोजन के लिए इनमें झगड़ा भी होता होगा। क्योंकि ये सभी एक ही चट्टान से पाए गये हैं। इस स्थान से और भी प्रजातियाँ मिल सकती हैं।
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