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अमेरिका बोला- आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की मदद रोकना नीति नहीं, सच्चाई है
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 22 Jul 2017 06:51 PM IST
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अमेरिकी रक्षा मंत्री
- फोटो : reuters
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पाकिस्तान को अमेरिका से मिलने वाली 35 करोड़ डॉलर की मदद को रोकने के बारे में अमेरिकी रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ जरूरी कदम नहीं उठाने के कारण ऐसा किया जा गया है।
उन्होंने कहा कि पाक द्वारा इस आतंकी समूह के विरुद्ध पर्याप्त कदम उठाने को अमेरिकी संसद के सामने सत्यापित करने से इंकार करने का उनका फैसला इस्लामाबाद के खिलाफ नई सख्त नीति की प्रतिक्रिया ही नहीं, बल्कि यह अमेरिका के ताजा मूल्यांकन की वास्तविकता भी है।
पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प ने कल कहा था कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को गठबंधन समर्थन फंड के बतौर 35 करोड़ डॉलर इसलिए नहीं देगा क्योंकि अमेरिकी रक्षामंत्री ने कहा है कि पाक यह सत्यापित नहीं कर सकता है कि इस्लामाबाद ने हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई की है।
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इस पर मैटिस ने कहा कि यह सिर्फ मौजूदा हालातों का आकलन है, कोई नीति नहीं है। उन्होंने इसे एक वास्तविकता बताते हुए कहा कि हम सिर्फ इसे स्पष्ट कर रहे हैं। जब मैटिस से पूछा गया कि पाक को मदद राशि का रोकना क्या पाकिस्तान के प्रति ट्रंप प्रशासन की नई नीति का हिस्सा है तो उन्होंने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
एक अन्य सवाल के जवाब में मैटिस ने उन अफवाहों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि देश के सुरक्षा सलाहकार जनरल एचआर मैकमास्टर बहुत जल्द अफगानिस्तान से संबंधित काम के लिए जाएंगे। पाक आधारित हक्कानी नेटवर्क को अफगानिस्तान में अमेरिका व पश्चिमी हितों के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है।
इसके अलावा अफगानिस्तान में भारतीय हितों के खिलाफ भी इस आतंकी समूह को कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें काबुल में भारतीय मिशन पर 2008 की बमबारी भी शामिल है जिसमें 58 लोग मारे गए थे।
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उन्होंने कहा कि पाक द्वारा इस आतंकी समूह के विरुद्ध पर्याप्त कदम उठाने को अमेरिकी संसद के सामने सत्यापित करने से इंकार करने का उनका फैसला इस्लामाबाद के खिलाफ नई सख्त नीति की प्रतिक्रिया ही नहीं, बल्कि यह अमेरिका के ताजा मूल्यांकन की वास्तविकता भी है।
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पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प ने कल कहा था कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को गठबंधन समर्थन फंड के बतौर 35 करोड़ डॉलर इसलिए नहीं देगा क्योंकि अमेरिकी रक्षामंत्री ने कहा है कि पाक यह सत्यापित नहीं कर सकता है कि इस्लामाबाद ने हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई की है।
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इस पर मैटिस ने कहा कि यह सिर्फ मौजूदा हालातों का आकलन है, कोई नीति नहीं है। उन्होंने इसे एक वास्तविकता बताते हुए कहा कि हम सिर्फ इसे स्पष्ट कर रहे हैं। जब मैटिस से पूछा गया कि पाक को मदद राशि का रोकना क्या पाकिस्तान के प्रति ट्रंप प्रशासन की नई नीति का हिस्सा है तो उन्होंने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
एक अन्य सवाल के जवाब में मैटिस ने उन अफवाहों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि देश के सुरक्षा सलाहकार जनरल एचआर मैकमास्टर बहुत जल्द अफगानिस्तान से संबंधित काम के लिए जाएंगे। पाक आधारित हक्कानी नेटवर्क को अफगानिस्तान में अमेरिका व पश्चिमी हितों के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है।
इसके अलावा अफगानिस्तान में भारतीय हितों के खिलाफ भी इस आतंकी समूह को कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें काबुल में भारतीय मिशन पर 2008 की बमबारी भी शामिल है जिसमें 58 लोग मारे गए थे।