मोदी की यात्रा आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई को आगे बढ़ाने में मददगार
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अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यहां होने वाली यात्रा भारत-अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने के साथ ही आतंकवाद से लड़ने और आर्थिक विकास जैसे साझा हितों को आगे बढ़ाने में सहायता करेगी।
टिलरसन ने यह बात भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर से कही। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि टिलरसन ने भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा के साथ ही मोदी की 26 जून को व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक के एजेंडा पर बातचीत के लिए शुक्रवार को जयशंकर से मुलाकात की थी।
प्रवक्ता ने कहा, ‘मंत्री ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को मजबूत करेगी साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, आर्थिक विकास तथा समृद्धि के साझा हितों को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगी।’
एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि दोनों ने यह स्वीकार किया है कि दोनों देशों के बीच गहरी और बढ़ती हुई सामरिक साझेदारी है। दोनों ही क्षेत्रीय तथा वैश्विक मसलों पर और निकटता से काम करने की उम्मीद करते हैं।
मोदी-ट्रंप के बीच चर्चा का हिस्सा होगा असैन्य परमाणु समझौता
असैन्य परमाणु समझौता पीएम नरेंद्र मोदी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली चर्चाओं का हिस्सा होगा। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी देते हुए इस बात पर जोर दिया कि उम्मीद है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अमेरिका में तैयार परमाणु रिएक्टर योगदान करेंगे।
व्हाइट हाउस ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अमेरिका में तैयार परमाणु रिएक्टर योगदान करेंगे। हमारा मानना है कि इस असैन्य परमाणु समझौते से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के साथ साथ अमेरिकी लोगों को रोजगार और कारोबारी अवसर मिलेंगे।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह होने वाली अमेरिका यात्रा से पहले अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘इसलिए इस समझौते को हम आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।’ एक सवाल के जवाब में अधिकारी ने इस मुद्दे को टाले जाने संबंधी उन रिपोर्टों को खारिज किया और कहा, ‘यह चर्चा का हिस्सा होगा। यह व्हाइट हाउस का ऊर्जा सप्ताह है, इसलिए असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग का मुद्दा आना ही है।’
एच-1बी वीजा मुद्दा उठाने पर जवाब देगा अमेरिका
पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भारत यदि विवादित एच1बी वीजा का मुद्दा उठाएगा तो अमेरिका उसका जवाब देने के लिए तैयार है। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मामला अभी समीक्षाधीन है और मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सोमवार को व्हाइट हाउस में मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली मुलाकात से पहले, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, ‘एच-1बी वीजा मुद्दे पर बातचीत की कोई योजना नहीं है।’ अधिकारी ने कहा कि लेकिन अगर भारत की ओर से यह मुद्दा उठाया गया, तो अमेरिका इसके लिए तैयार है।
अधिकारी ने कहा, ‘अगर यह मुद्दा उठाया गया, तो मैं यह बताना चाहूंगा कि प्रशासन ने कार्य और आव्रजन संबंधी कुछ शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं और एच-1बी वीजा पर राष्ट्रपति ट्रंप का शासकीय आदेश विदेश मंत्री, अर्टानी जनरल, श्रम मंत्री, और गृह सुरक्षा मंत्री को एच-1बी वीजा कार्यक्रम में संभावित सुधारों का प्रस्ताव तैयार करने का प्रस्ताव देने के लिए है। ’
रिजर्व रक्षा तकनीक साझा करने का इच्छुक
व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका भारत को उस प्रकार की रक्षा तकनीक प्रदान करने का इच्छुक है जिसे वह आम तौर पर अपने निकट सहयोगियों के लिए रिजर्व रखता है। इससे ट्रंप प्रशासन के द्विपक्षीय रक्षा संबंधो को मजबूत बनाने के संकल्प की झलक दिखाई देती है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी हांलाकि उन रिपोर्टों की पुष्टि करने से बचते दिखाई दिए कि रक्षा मंत्रालय ने भारत को 22 गार्डियन ड्रोन बेचने को मंजूरी दे दी है।