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जब कोर्ट ने एक माँ की गुज़ारिश नहीं मानी

Fri, 24 Oct 2014 09:01 AM IST
Updated Fri, 24 Oct 2014 09:01 AM IST
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court not accept mother's request.

अमेरिका के जॉर्जिया की एक अदालत में एक अनोखा मामला सामने आया। एक महिला वकील ने एक मुक़दमे के दौरान जज से सुनवाई की तारीख इस आधार पर आगे बढ़ाने के लिए गुजारिश की कि वो हाल ही में माँ बनी है लेकिन जज ने उनकी दलील नहीं मानी।

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महिला वकील बच्चे की देखभाल के लिए तारीख आगे बढ़वाना चाहती थीं। जज के इनकार के बाद महिला वकील अपनी बेटी के साथ ही कोर्ट आ गईं। तब जज ने बच्चे की देखभाल ठीक से नहीं करने के लिए उन्हें फटकार लगाई। उसके बाद वकील ने जज के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है।
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वहीं, इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर महिला वकील को जबर्दस्त समर्थन मिला है। जज के खिलाफ की गई महिला वकील की शिकायत और जेज़ेबेल वेबसाइट पर उनके लेख को एक दिन में सात हज़ार से ज्यादा बार शेयर किया गया।
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स्टेसीएम एहरिज़मैन मिकल मुक़दमे के दौरान मातृत्व अवकाश पर थीं और उन्होंने जॉर्जिया के अटलांटा कोर्ट से अप्रवासन से जुड़े एक मामले की तारीख आगे बढ़ाने के लिए कहा था। लेकिन जज जेडैन पेलेटियर उनसे सहमत नहीं हुए, बाद में मिकल का बेटी के साथ अदालत में आना भी पेलेटियर को नागवार गुजरा।

'अस्वास्थ्यकर माहौल'

court not accept mother's request.

मिकल का कहना है कि जज पेलेटियर ने उन्हें 'अपमानित' किया। अपनी शिकायत में मिकल ने लिखा है, "उसके बाद उन्होंने बच्चे की देखभाल की मेरी काबिलियत पर सवाल उठाया और कहा कि मेरी डॉक्टर भी अचंभित होंगी कि मैं अपनी बेटी को कोर्ट के अस्वास्थ्यकर माहौल में कैसे ले आई। लेकिन मेरे पास बेटी को लाने के अलावा और कोई रास्ता न था।"

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर चली बहस में ज्यादातर लोगों का गुस्सा जज पेलेटियर के बर्ताव को लेकर था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर महिला वकील को जबर्दस्त समर्थन मिला है। कुछ वकीलों ने यह भी कहा कि अदालतों में महिलाओं के प्रति रवैया अब भी ठीक नहीं है।

जेज़ेबेल वेबसाइट पर एक व्यक्ति ने लिखा है कि अमरीकी अदालतों में किसी तरह की छुट्टी दिए जाने का कोई कानूनी आधार नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ जॉर्जिया में क़ानून के प्रोफ़ेसर ए केड ने कहते हैं, "आपको बस एक अच्छा कारण बताने की जरूरत है और वाजिब छुट्टी के लिए कहें।।।जब मेरा पहला बेटा हुआ था तो मैंने भी गुजारिश की थी और मुझे छुट्टी मिली थी।"

मिस्टर केस लिखते हैं कि जज सामान्य तौर पर बच्चों की परवरिश के नाम पर छुट्टी दे देते हैं।

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