{"_id":"5ba6d86b867a557e876d93d5","slug":"conspiracy-to-remove-us-president-donald-trump-from-post-it-was-planned-last-year","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पिछले साल रची गई अमेरिकी राष्ट्रपति को हटाने की साजिश","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
पिछले साल रची गई अमेरिकी राष्ट्रपति को हटाने की साजिश
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 23 Sep 2018 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका में पिछले साल प्रशासनिक अराजकता का पर्दाफाश करने के लिए डिप्टी अटॉर्नी जनरल रॉड जे. रोसेनस्टीन ने व्हाइट हाउस में बेहद गुप्त रूप से राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत रिकॉर्ड करने का सुझाव दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्रंप को हटाने के लिए मंत्रिमंडल के सदस्यों को नियुक्त करके 25वें संशोधन के तहत अयोग्य करार देने पर भी चर्चा की।
अमेरिकी मीडिया में यह एक बडे़ खुलासे के रूप में लिया जा रहा है क्योंकि उसी दौरान अमेरिकी चुनावों में रूसी दखल की जांच कर रहे एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमे को भी ट्रंप ने बर्खास्त करने की कार्रवाई की थी। रॉड रोसेनस्टीन ने ट्रंप को हटाने की योजना उसी वक्त बनाई थी। इसी दौरान राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस में रूस के हस्तक्षेप की जानकारी भी दी थी।
रोसेनस्टीन को अपना काम संभाले हुए सिर्फ दो सप्ताह ही बीते थे और उन्होंने रूस की जांच की देखरेख शुरू कर दी। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की जांच के दौरान ट्रंप द्वारा बर्खास्त किए गए कोमे के पत्रों को पड़ताल भी की। रोसेनस्टीन ने राष्ट्रपति को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने के लिए न्याय विभाग तथा एफबीआई के साथ बैठकों में 25वें संशोधन पर वार्ता भी की। इस दौरान खुफिया विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्हीं में से एक ने यह जानकारी मुहैया कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिकी मीडिया में यह एक बडे़ खुलासे के रूप में लिया जा रहा है क्योंकि उसी दौरान अमेरिकी चुनावों में रूसी दखल की जांच कर रहे एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमे को भी ट्रंप ने बर्खास्त करने की कार्रवाई की थी। रॉड रोसेनस्टीन ने ट्रंप को हटाने की योजना उसी वक्त बनाई थी। इसी दौरान राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस में रूस के हस्तक्षेप की जानकारी भी दी थी।
विज्ञापन
रोसेनस्टीन को अपना काम संभाले हुए सिर्फ दो सप्ताह ही बीते थे और उन्होंने रूस की जांच की देखरेख शुरू कर दी। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की जांच के दौरान ट्रंप द्वारा बर्खास्त किए गए कोमे के पत्रों को पड़ताल भी की। रोसेनस्टीन ने राष्ट्रपति को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने के लिए न्याय विभाग तथा एफबीआई के साथ बैठकों में 25वें संशोधन पर वार्ता भी की। इस दौरान खुफिया विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्हीं में से एक ने यह जानकारी मुहैया कराई है।
विज्ञापन
ट्रंप ने की रोसेनस्टीन पर कार्रवाई की चर्चा
बताया जा रहा है कि ट्रंप को इस बात की भनक अब जाकर लगी है। इसी कारण ट्रंप ने शुक्रवार की रात अपने सलाहकारों से रोसेनस्टीन को नौकरी से निकालने को लेकर चर्चा भी की। लेकिन ट्रंप अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं। शुक्रवार की बैठक में शामिल एक शीर्ष अधिकारी ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रपति रोसेनस्टीन पर कार्रवाई का मन बना रहे हैं।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने खुलासे को गलत कहा
अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित इस खुलासे को एकदम गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने न तो कभी राष्ट्रपति की बातचीत को रिकॉर्ड किया और न ही इस बारे में किसी से कोई चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को हटाने के लिए 25वें संशोधन की बात करना सरासर बेबुनियाद है।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने खुलासे को गलत कहा
अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित इस खुलासे को एकदम गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने न तो कभी राष्ट्रपति की बातचीत को रिकॉर्ड किया और न ही इस बारे में किसी से कोई चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को हटाने के लिए 25वें संशोधन की बात करना सरासर बेबुनियाद है।