चीन से व्यापार को लेकर एक है क्लिंटन और ट्रंप की सोच
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चीन के साथ व्यापार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति पद के दोनो प्रमुख दावेदारों की सोच लगभग एक जैसी ही है दोनों ही चीन को ग्लोबल मार्किट में अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मनते है।
उन्होंने कहा हैं कि यदि वो सत्त में आते है तो वह अमेरिका की व्यापार नीती को बदल कर उसमें चीन के साथ व्यापार करने के नए नियम लागू करेगें जिससे अमेरिका के अर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
चीन को पीछे छोडने के लिए पूरी तरह से तैयार है
डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि वह विश्वभर में चीन के बढ़ते व्यापार पर लगाम लगाकर अतराष्ट्रीय स्तर पर उसकी अधिनायक वाली छवि को चुनौती देगी और इस मंदी के दौर में भी वह मध्यम वर्ग के युवाओ के लिए रोजगार पैदा करेगी।
रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप में भरोसा करते है क्योंकि अमेरिका राज्यों का समूह है। अपने भाषण में ट्रंप ने ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा की वर्तमान समय अमेरिका की व्यापार नीती पूरी तरह विफल रही है।
ट्रंप ने कहा कि यदि जनता ने उन्हें सत्ता सभालने का मौका दिया तो वह चीन से प्रतिस्पर्धा करने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में चीन को पीछे छोडने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होने कहा की वह अमेरिकी जनता को विश्व की सबसे अच्छी व्यापार नीती प्रदान करेगे और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय स्तर नई पहचान दिलाएगे।