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दक्षिण चीन सागर: अमेरिकी युद्धपोत पहुंचने पर भड़का चीन

Sun, 31 Jan 2016 09:57 PM IST
Updated Sun, 31 Jan 2016 09:57 PM IST
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china gets angree on america

विवादित दक्षिण चीन सागर के पास दोबारा से अमेरिकी युद्धपोत भेजने पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इससे पहले अक्तूबर में अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपना युद्धपोत भेजा था। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के युद्धपोत भेजने को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए चीन ने कड़ा एतराज जताया है।

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अमेरिका के इस कदम से भड़के ड्रैगन ने कहा कि यह उसकी संप्रभुता को चुनौती है। उसने चेतावनी दी है कि अमेरिका की ओर से जानबूझकर उकसाना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा। वहीं, शीर्ष अमेरिकी सांसद एवं सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन जॉन मैककैन ने दक्षिण चीन सागर में युद्धपोत भेजकर गश्त करने के इस कदम का स्वागत किया है।
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चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग युजुन ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत की पहचान करते ही चीनी नौसेना के जलपोत और लड़ाकू विमान तत्काल एक्शन में आए और अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए चीनी सैन्य बल सभी जरूरी कदम उठाएंगे।
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यांग ने कहा कि अमेरिका ने चीन के कानून का गंभीर उल्लंघन किया और उसने शांति, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को ठेस पहुंचाई है। इसके अलावा चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि मामले में चीन की ओर से निगरानी की गई और अमेरिकी युद्धपोत को चेतावनी दी गई।

चीन के दावे को अमेरिका ने दी थी चुनौती

china gets angree on america

विवादित दक्षिण चीन सागर पर चीन, ताइवान और वियतनाम अपना हक जता रहे हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता मार्क राइट ने कहा कि अमेरिका ने नौपरिवहन की स्वतंत्रता के लिए अपने युद्धपोत यूएसएस कर्टिस विल्डबर को दक्षिण चीन सागर के पास भेजकर चीन, वियतनाम और ताइवान के अतिरिक्त समुद्री क्षेत्र पर दावे को चुनौती दी।

ये अपना दावा जताकर यहां से अंतरराष्ट्रीय नौपरिवहन के अधिकार और स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना चाहता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के  खिलाफ है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां जारी रहेंगी। चीन ने कहा कि अमेरिका का यह कदम दोनों देशों के सैन्य बलों की सुरक्षा के लिए गैर जिम्मेदारा है, जिसे परिणाम घातक साबित हो सकते हैं।

इंटरनेट पर अमेरिका का कड़ा विरोध

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक अमेरिका के इस कदम के खिलाफ चीन के लोगों ने इंटरनेट पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक लेख में कहा गया कि दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र आवागमन की कभी समस्या नहीं हुई और आगे भी नहीं होगी। कई देशों के एक लाख से ज्यादा जलपोत हर साल इस क्षेत्र से गुजरते हैं। ऐसे में अमेरिका के इस तरह युद्धपोत भेजना किस लिहाज से शांति और सुरक्षा में मददगार होगा। दक्षिण चीन सागर अमेरिकी जलक्षेत्र नहीं है।

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