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अमेरिका पर हावी हो रहा चीन, जासूसों की हत्या कर तोड़ी CIA की कमर

Sun, 21 May 2017 12:34 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Sun, 21 May 2017 12:34 PM IST
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China crippled US spying operations by killed CIA informants

विश्व की दो महाशक्तियां अमेरिका और चीन दशकों से एक-दूसरे की खुफिया जानकारियों को जुटाने की कोशिश करते रहे हैं। इसके लिए दोनों ही देश अपनी जासूसी एजेंसियों का सहारा लेते हैं, लेकिन पिछले काफी वक्त से अमेरिका की खुफिया जासूसी की चीन ने कमर तोड़ दी है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अपने देश के भीतर मौजूद अमेरिका के खुफिया नेटवर्क को खत्म कर दिया है। 2010 के बाद से चीन अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा जासूसों को मौत के घाट उतार चुका है या फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया है।
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पूर्व और वर्तमान अधिकारी इसे बड़ी और खुफिया चूक करार देते हैं। अमेरिका के चीन के भीतर ध्वस्त हुए खुफिया नेटवर्क को लेकर दो तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पहला तो ये कि सीआईए के कुछ जासूसों ने अमेरिका को धोखा देकर चीन की मदद की है। दूसरी ओर ये भी माना जा रहा है कि चीन ने अमेरिका के उस खुफिया सिस्टम को हैक कर लिया है, जिसके जरिए वो विदेशों में मौजूद अपने जासूसों से संपर्क साधता है। कई सालों बाद भी ये बहस अब भी छिड़ी हुई है।

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अमेरिका पर हावी हो रहा चीन

China crippled US spying operations by killed CIA informants

पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक 2010 से 2012 के बीच में चीन ने एक दर्जन से ज्यादा सीआईए के जासूसों की हत्या कर दी। अधिकारी बताते हैं कि एक एजेंट को तो उसके सहयोगियों के सामने इस वजह से गोली मारी गई, क्योंकि चीन अन्य जासूसों को संदेश देने चाहता था कि उसके खिलाफ वो अमेरिका के लिए जासूसी न करें। पूर्व अमेरिकी अधिकारी कहते हैं कि सालों से बनाए गए अमेरिकी खुफिया नेटवर्क को चीन ने 18 से 20 जासूसों को मौत के घाट उतारकर ध्वस्त कर दिया।

पुराने मामले दिखाते हैं कि कैसे चीन अमेरिकी खुफिया एजेंसी को उनके मकसद में कामयाब होने में रोक रहा है साथ ही उसकी खुफिया जानकारियां भी हासिल कर पा रहा है। 2015 में भी चीन अमेरिका के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को हासिल करने में कामयाब रहा था। चीन की जासूसी करना अमेरिकी खुफिया एजेंसी की प्राथमिकताओं में शुमार है, लेकिन बावजूद इसके चीन की सख्तियों और कड़ी सुरक्षा के बाद चीन के भीतर अपने जासूसी सूत्र बनाना मुश्किल साबित हो रहा है।

अमेरिका के लिए मुश्किलों से भरा दौर यहीं खत्म नहीं हुआ है। दो महीने पहले ही विकिलीक्स ने CIA की कुछ गुप्त फाइलों को लीक कर दिया। अमेरिका अब भी इस पड़ताल में जुटा है कि उसके हाथ ये गुप्त फाइलें लगीं कैसे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस बारे में सवाल उठा चुके थे कि आखिर चीन के बारे में मिलने वाली गुप्त जानकारियों की संख्या कम कैसे हो गई है।

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