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कैंब्रिज एनालिटिका घोटाले में फेसबुक के खिलाफ केस दर्ज

Fri, 21 Dec 2018 03:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 21 Dec 2018 03:44 AM IST
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Case filed against Facebook in the Cambridge Analyst scandal
facebook - फोटो : amar ujala

कैंब्रिज एनालिटिका डाटा लीक मामले में फेसबुक को पहली बार अमेरिकी नियामकों से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। नौ महीने पहले एक व्हिसलब्लोअर ने इसका पर्दाफाश किया था कि फेसबुक ने गलत तरीके से बाहरी लोगों को लाखों यूजर की निजी जानकारी लेने की अनुमति दी थी। अब कोलंबिया के अटॉर्नी जनरल ने फेसबुक के खिलाफ याचिका दायर की है।

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याचिका में कार्ल रेसिन ने बुधवार को फेसबुक पर कैंब्रिज एनालिटिका से साठगांठ करने को लेकर निशाना साधा था। कैंब्रिज एनालिटिका एक राजनीतिक परामर्श देने वाली संस्था है, जो यूजर की इजाजत के बिना सोशल साइट से उनके नाम, ‘लाइक्स’ और अन्य डाटा उड़ा लेती है। इस मामले में वर्ष 2014 से इस साल मार्च तक 8.7 करोड़ से ज्यादा यूजर प्रभावित हुए और दुनिया भर में इसकी जांच की मांग उठने लगी। रेसिन ने कहा कि उनके कार्यालय ने कई अन्य राज्यों से विचार-विमर्श किया है ताकि उपभोक्ताओं के निजी डाटा और सूचनाएं सुरक्षित रहें।
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इस मामले में कई अमेरिकी नियामकों की लंबी खामोशी के बाद अटॉर्नी जनरल ने मोर्चा खोला। उन पर कई सीनेटर और आम वेब यूजर का भारी दबाव था कि वह ऑनलाइन निजता का अपमान करने को लेकर फेसबुक को अनुशासित करे। सिलीकॉन वैली के कुछ कट्टर आलोचकों ने सरकार से फेसबुक पर तगड़ा जुर्माना लगाने सहित अन्य दंड देने की अपील की थी, ताकि वह अपने बिजनेस मॉडल पर पुनर्विचार करे। कई लेख लिख कर कैंब्रिज एनालिटिका को बेनकाब करने वाले व्हिसलब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने कहा कि अब समय आ गया है। वहीं फेसबुक ने अपनी सफाई में कहा कि वह शिकायत की समीक्षा कर रही है।
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यूजर को अपना अकाउंट निष्क्रिय करने के लिए देना होगा हजार डॉलर

एक अध्ययन में कहा गया है कि फेसबुक यूजर को अपना अकाउंट एक साल तक निष्क्रिय रखने के लिए औसतन एक हजार अमेरिकी डॉलर देना होगा। जर्नल प्लोस वन में प्रकाशित रिपोर्ट में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कई नीलामियों का इस्तेमाल किया है, जिसमें लोगों ने अपने खाते बंद कराने के लिए भुगतान किए। फेसबुक के दुनिया भर में दो अरब यूजर हैं, जो मुफ्त में सोशल साइट का इस्तेमाल करते हैं।

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