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ये है दो अरब का कालीन
Updated Sat, 08 Jun 2013 07:58 AM IST
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शौक़ एक ऐसी चीज़ है जिसकी सीमा को नापना मुश्किल है और अगर जेब भारी हो तो फिर कौन रोके। एक क़ालीन पर भी अरब रुपए वारे जा सकते हैं।
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सत्रहवीं शताब्दी के एक ईरानी क़ालीन को ऐसा ही एक क़द्रदान मिला जिसने इसे 3 करोड़ 80 लाख डॉलर यानी तक़रीबन 216 करोड़ रुपये में ख़रीदा है।
वॉशिंग्टन डी सी स्थित कॉरकॉरन गैलरी ऑफ़ आर्ट द्वारा नीलाम किए गए इस बेशक़ीमती क़ालीन को एक अनाम ख़रीददार ने ये बोली लगाकर ख़रीदा जो पिछली नीलामी में लगाई गई बोली से तीन गुना ज़्यादा है।
10 मिनट तक चली नीलामी की ये प्रक्रिया आख़िरकार एक गुमनाम टेलीफ़ोन कॉलर के नाम रही।
लाल रंग का ये क़ालीन ‘वेस’ तकनीक से बना एक दुर्लभ क़ालीन है और नीलामकर्ता म्यूज़ियम नीलामी के नतीजे को लेकर काफ़ी उत्साहित है।
अमरीकी उद्योगपति औऱ मोन्टाना के सीनेटर विलियम ए। क्लार्क द्वारा यह क़ालीन कॉरकॉरन गैलरी ऑफ़ आर्ट को 1926 में दान किया गया था।