कैलिफोर्निया के हमलावरों का 'परिवार सदमे में'
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अमेरिका में सैन बर्नारडिनो के हमलावरों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों का कहना है कि हमलावरों का परिवार ‘पूरी तरह सदमे’ में है। उनका कहना है कि परिवार को इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि सैयद रिजवान फारूक और उनकी पत्नी तशफीन मलिक ऐसा कोई हमला कर सकते हैं।
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई का कहना है कि वो 'आतंकवादी गतिविधि' मानते हुए इस घटना की जांच कर रही है। इस बीच यह भी खबरें आ रही है कि महिला हमलावर ने हमले से पहले अपने फेसबुक पर बगदादी के प्रति अपनी वफादारी दिखाते हुए एक पोस्ट भी किया था। इससे इन हमलावरों का आतंकी संगठन आईएस से जुड़े होनी की बात और पुख्ता हो जाती है।
हालांकि, हमलावरों के वकीलों का कहना है कि किसी भी नजीते पर पहुंचने में जल्दबाजी न दिखाई जाए। बुधवार को सैन बर्नारडिनो में हुई गोलीबारी में 14 लोग मारे गए जबकि 21 जख्मी हुए थे। पुलिस के साथ जवाबी कार्रवाई में 27 वर्षीय तशफीन मलिक और 28 वर्षीय सैयद रिजवान फारूक मारे गए।
छह महीने की थी बच्ची
वकील डेविड चेल्सी और मोहम्मद अबुएरशैद का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस दंपति की विचारधारा चरमपंथी थी या वो किसी चरमपंथी गुट के सदस्य थे।
सैयद रिजवान की बहन सायरा खान ने अमेरिकी टीवी चैनल सीबीएस को बताया, “मैं कभी सोच भी नहीं सकती हूं कि मेरा भाई या फिर भाभी ऐसा कोई काम करेंगे, खास कर तब, जब वो खुशनुमा शादीशुदा जिंदगी बिता रहे थे और उनकी छह महीने की एक खूबसूरत बेटी थी।”
बताया जाता है कि फारूक अलग-थलग रहने वाले इंसान थे और उनके कुछ ही दोस्त थे जबकि तशफीन मलिक के बारे में उनके परिवार का कहना है कि वो ‘एक ध्यान रखने वाली, मृदुभाषी’ गृहिणी थी।