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ब्रैडली मैनिंग की सजा पर फैसला आज

Tue, 30 Jul 2013 12:39 PM IST
Updated Tue, 30 Jul 2013 12:39 PM IST
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bradley manning court martial
विकीलीक्स को ख़ुफ़िया दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग के कोर्ट मार्शल पर सेना के जज मंगलवार को फैसला सुनाएंगे।
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25 वर्षीय मैनिंग को सेना के जज कर्नल डेनिस लिंड मंगलवार को अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर एक बजे फैसला सुनाएंगे।

मैनिंग ने विकीलीक्स को दस्तावेज देने की बात स्वीकार की है हालांकि उन्होंने उनके ऊपर लगाए गए सबसे गंभीर आरोप- 'शत्रु की मदद करने' से इनकार किया है।

मैनिंग ने उनके ऊपर लगाए गए कुल 22 आरोपों में से 10 आरोप स्वीकार कर लिए हैं। यदि मैनिंग को इन मामलों में दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा हो सकती है।

मैनिंग को मई 2010 में गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तारी के वक्त वह इराक़ में तैनात थे। अमेरिका भेजे जाने से पहले मैनिंग कई हफ़्तों तक कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने के कैम्प एरीफजैन में हिरासत में रहे थे।
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मैनिंग को 'शत्रु की मदद करने, अनाधिकृत रूप से सेना की खुफिया जानकारी रखने, चोरी करने और कम्प्यूटर नियमों का उल्लंघन करने' सहित कुल 22 मामलों में अभियुक्त बनाया गया है।
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मैनिंग का कोर्ट मार्शल जून में मैरीलैंड के फोर्ट मिएडे में शुरू हुआ था।

'शत्रु की मदद'
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मेजर एश्डेन फीन ने कहा कि ब्रैडली मैनिंग ने सुनियोजित तरीके से हजारों गुप्त सरकारी दस्तावेजों को विकीलीक्स को उपलब्ध कराया था।

मेजर एश्डेन ने अदालत से कहा कि खुफिया विश्लेषक होने के नाते मैनिंग को पता होना चाहिए था कि उन्होंने जो दस्तावेज लीक किए थे वे अल-कायदा के पास भी पहुंच सकते थे।

अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए हैं उनसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण अमेरिकी नागरिकों, विदेशी खुफिया कर्मचारियों और कूटनीतिज्ञों के जीवन को खतरा बढ़ गया।

मेजर फीन ने कहा कि इनमें से कुछ दस्तावेज आखिरकार ओसामा बिन लादेन तक पहुंच भी गए थे।

ब्रैडली मैनिंग के वकील ने अदालत से कहा कि इस युवा सैनिक ने सचेत रूप से एक व्हिसलब्लोवर के रूप में यह काम किया था। 2009 में इराक में तैनाती के बाद उसका मोहभंग हो गया था।

मैनिंग के वकील डेविड कूम्ब ने यह भी कहा कि मैनिंग ने “किसी दुर्भावना के बिना” यह कार्य किया था इसलिए उनके ऊपर 'शत्रु की मदद' का आरोप न्यायोचित नहीं है।

सैन्य नीति पर 'बहस'
फरवरी में मुकदमे से पूर्व हुई सुनवाई में दिए गए अपने लंबे बयान में मैनिंग ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका की विदेश और सैन्य नीति पर बहस करने के लिए दस्तावेज लीक किए थे।

मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर से इराक की राजधानी बग़दाद में किए एक हमले का विस्तृत विवरण था। 2007 में हुए इस हमले में करीब एक दर्जन लोग मारे गए थे। मारे गए लोगों में समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक पत्रकार भी शामिल था।


मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें इराक और अफगानिस्तान युद्ध की 4,70,000 रिपोर्टें और अमेरिका सरकार एवं उसके विभिन्न दूतावासों के बीच हुए 2,50,000 गुप्त पत्राचार शामिल हैं।
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