फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   boston suspect

'संदिग्ध शायद कभी बोल न पाए'

Mon, 22 Apr 2013 08:41 PM IST
Updated Mon, 22 Apr 2013 08:41 PM IST
विज्ञापन
boston suspect

अमेरिका में मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बॉस्टन मैराथन धमाकों के संदिग्ध ज़ोख़र सारनाएफ़ गले में गोली लगने की वजह से शायद कभी बोलकर गवाही न दे पाएँ।

विज्ञापन


जाँचकर्ता पूछताछ के लिए उस अस्पताल के बाहर इंतज़ार कर रहे हैं जहाँ उनका इलाज चल रहा है। अमेरिकी टीवी चैनलों के अनुसार 19 साल के ज़ोख़र होश में हैं और कुछ सवालों का जवाब लिखकर दे रहे हैं। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
विज्ञापन


एफ़बीआई के बॉस्टन कार्यालय और बॉस्टन पुलिस विभाग दोनों ने कहा है कि ये जानकारी उनकी तरफ से नहीं आई है।

इससे पहले बॉस्टन के मेयर टॉम मेनिनो ने एबीसी न्यूज़ से कहा था, “हमें नहीं पता कि हम कभी उनसे पूछताछ कर पाएँगे।”

लेकिन एबीसी, एनबीसी और सीबीएस नेटवर्क सबने कहा है कि संदिग्ध लिखित जवाब दे रहे हैं जिसमें विस्फोटकों आदि से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

'शायद ख़ुद ही भाई को मार डाला'

इस बीच अमेरिका में संघीय अभियोजन पक्ष ज़ोख़र सारनाएफ़ के खिलाफ आरोप तय कर रहा है। अगर ज़ोख़र पर लोगों को मारने के लिए विनाशकारी हथियार इस्तेमाल करने का आरोप तय होते हैं, तो उन्हें मौत की सज़ा हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉस्टन धमाकों के संदिग्ध ज़ोख़र को शुक्रवार देर शाम पकड़ा गया था। उनके भाई भी इस मामले में संदिग्ध थे लेकिन उनकी मौत हो चुकी है।

पुलिस का मानना है कि शायद 19 साल के ज़ोख़र ने उस समय ख़ुद ही अपने भाई को मार डाला जब पुलिस से भागने के दौरान ज़ोख़र ने उन पर कार चढ़ा दी हो। शुरु में रिपोर्टें आई थीं कि तमरलान की गोली लगने और धमाके में घायल होने के बाद मौत हुई थी।

वाटरटाउन इलाके के पुलिस प्रमुख ने बॉस्टन ग्लोब अख़बार को बताया कि ज़ोख़र ने एक चुराई हुई गाड़ी अपने भाई पर चढ़ा दी थी और शायद उसी दौरान आई चोट से तमरलान मारे गए।


पिछले सोमवार बॉस्टन में मैराथन में हुए धमाकों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 180 से ज़्यादा घायल हुए थे। बाद में संदिग्धों को ढूँढने के लिए चले क्लिक करें पुलिस अभियान में एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई थी।

'और हमलों की योजना'

अब तक हमलों के पीछे की वजह स्थापित नहीं हो पाई है। दोनों संदिग्ध भाई चेचन मूल के हैं और अमेरिका में करीब एक दशक से रह रहे थे।

मैसाच्यूसेट्स राज्य का अभियोजन पक्ष भी अपने स्तर पर आरोप तय कर सकता है। इस राज्य में मौत की सज़ा का प्रावधान नहीं है।

जाँचकर्ताओं ने ज़ोख़र को मिरिंडा राइट्स का विकल्प नहीं दिया है। इस प्रावधान के तहत संदिग्ध को वकील मिलने का अधिकार होता है और वो पूछताछ में चुप रह सकता है।

इस नियम में कभी कभी ही रियायत दी जाती है- जब लोगों की जान को तात्कालिक खतरा हो।

बॉस्टन पुलिस आयुक्त ने रविवार को कहा था कि शायद दोनों भाई और हमलों की योजना बना रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed