बिटक्वाइन ने विंकेलवोस बंधुओं को अरबपति बना दिया
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2013 में बिटक्वाइन का 1 फीसदी हिस्सा खरीदाने वाले विंकेलवोस भाई आज अरबपति बन गए हैं। टेलर और कैमरून विंकेलवोस ने 2013 में 90 हजार बिटक्वाइन खरीदे थे। उस वक्त एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 120 डॉलर होती थी। ये कीमत आज बढ़कर लगभग 16 हजार डॉलर यानी करीब साढ़े दस लाख रुपये हो गई है। सिर्फ एक साल में ही इसकी कीमत में लगभग 2100 फीसदी का उछाल आया है।
क्वाइनडेस्क डॉट कॉम के अनुसार इस सप्ताह बिटक्वाइन की कीमत में 50 फीसदी से ज़्यादा का उछाल आया है और ये कीमत अब बढ़ कर 16,050.83 डॉलर हो गई है। विंकेलवोस भाइयों ने जुकरबर्ग पर किया था मुकदमा। विंकेलवोस भाई 2009 में तब चर्चा में आए जब उन्होंने फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग पर उनका आइडिया चुराने का आरोप लगाया था और उन पर मुकदमा कर दिया था।
विंकेलवोस भाइयों ने तर्क दिया था कि हावर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में एक सोशल नेटवर्क (हावर्ड कनेक्शन, जिसे बाद में कनेक्ट यू कहा गया) बनाने के बारे में सोचा था। इस नेटवर्क को तैयार करने के लिए उन्होंने जुकरबर्ग को काम पर रखा। इसके दो महीने बाद ही जुकरबर्ग ने फेसबुक की स्थापना की।
जुकरबर्ग से समझौता
नुकसान की भरपाई के लिए विंकेलवोस भाइयों ने जुकरबर्ग से 100 मिलियन डॉलर मुआवजे की मांग की। अमरीकी मीडिया के मुताबिक ये मुआवज़ा तो उन्हें नहीं मिला, लेकिन 2011 में उन्होंने जुकरबर्ग के साथ अदालत के बाहर समझौता कर लिया।
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इस समझौते के तहत विंकेलवोस भाइयों को 65 मिलियन डॉलर की मोटी रकम मिली। 2013 में विंकेलवोस भाइयों ने इस रकम के एक हिस्से यानी 11 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश वर्चुअल मुद्रा बिटक्वाइन में कर दिया। इसकी कीमत आज बढ़कर 1100 मिलियन अमरीकी डॉलर से भी ज़्यादा हो गई है।
जिस समय विंकेलवोस भाइयों ने बिटक्वाइन में निवेश किया, तब कम ही लोग इस वर्चुअल मुद्रा के बारे में जानते थे। लेकिन विंकेलवोस भाइयों को लगा था कि भविष्य में इसमें जबर्दस्त उछाल आ सकता है. वो बिटक्वाइन के मुख्य सपॉन्सर में से एक थे। उनका दावा है कि उन्होंने आज तक अपना एक भी बिटक्वाइन बेचा नहीं है। बिटक्वाइन के सर्कुलेशन को एक ब्लॉकचेन सॉफ्टवेयर के ज़रिए नियंत्रित किया जाता है। माना जाता है कि इस सॉफ्टवेयर को हैक करना बेहद मुश्किल है।
बिटक्वाइन को अमरीकी स्टॉक मार्केट में लाने का प्रस्ताव दिया
विश्व के बेहतरीन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने वाले विंकेलवोस भाई एथलीट भी थे। उन्होंने एक एक्सचेंज रेट 'जेमिनी' और अपना खुद का निवेश फंड विंकेलवोस कैपिटल बनाया। वो बिटक्वाइन को अमरीकी स्टॉक मार्केट में लाना चाहते हैं। लेकिन इससे जुड़े उनके प्रस्ताव को एसईसी यानी सिक्यूरिटीज़ मार्केट कमीशन ने खारिज कर दिया। इसके बाद क्रिप्टोकरंसी में कुछ अस्थायी गिरावट भी देखने को मिली।
कई विश्लेषक और विशेषज्ञ बिटक्वाइन में निवेश को जोखिम भरा बताते हैं। वो इसका कारण दीर्घकालिक गारंटी की कमी, विनियमन की कमी और इसके एक क्लिक के साथ गिरने की संभावना बताते हैं। गोल्डमैन सैक्स के निवेशक कहते हैं कि बिटक्वाइन एक बुलबुला है जो बस फूटने ही वाला है और पारंपरिक बैंक इस पर भरोसा नहीं करते।
टेलर और कैमरून विंकेलवोस ने ये जोखिम मोल लेने का फैसला किया और वो आज अरबपति हैं। हालांकि जुकरबर्ग जितना अमीर बनने के लिए अभी उन्हें और 73 हज़ार मिलियन डॉलर की जरूरत होगी। लेकिन वो भी तब, जब बिटक्वाइन की कीमत में गिरावट ना आए।