फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Bill targeting H-1B visas reintroduced in US Congress

अमेरिका में सख्त होंगे एच-1 बी वीजा के नियम

Thu, 05 Jan 2017 09:26 PM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
एजेंसी/ वाशिंगटन Updated Thu, 05 Jan 2017 09:26 PM IST
विज्ञापन
Bill targeting H-1B visas reintroduced in US Congress
नव निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : file photo
एच1-बी वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव लाने संबंधी विधेयक को दो सांसदाें ने अमेरिकी कांग्रेस में फिर पेश किया है। एच1-बी वीजा के जरिये भारत और अन्य देशाें के कुशल पेशेवर अमेरिकी में उच्च प्रौद्योगिकी वाले क्षेत्राें में नौकरी करते हैं। इन सांसदाें ने कहा कि इस विधेयक से कार्य वीजा का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में रिपब्लिकन पार्टी के डैरेल इसा तथा स्कॉट पीटर्स ने ‘प्रोटेक्ट एंड ग्रो अमेरिकन जॉब्स एक्ट’ विधेयक दोबारा पेश किया है। इसमें एच1-बी वीजा के लिए पात्रता की महत्वपूर्ण बदलावाें का प्रस्ताव है। इस विधेयक में एच1-बी वीजा का न्यूनतम वेतन एक लाख डॉलर वार्षिक और मास्टर डिग्री की छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है। इन सांसदाें का कहना है कि विधेयक से एच1-बी वीजा का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और इससे यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि नौकरियां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाआें को ही उपलब्ध हों।
विज्ञापन


यह विधेयक अमेरिका स्थित कंपनियाें डिज्नी, सोकाल एडिसन तथा अन्य पर एच1-बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग का आरोप लगने के बाद आया है। इन कंपनियों पर अमेरिकी पेशेवराें की जगह विदेशी लोगों की नियुक्तियाें का आरोप लग रहा है, जिसे लेकर अमेरिकी कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही थी। हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनावों में भी यह मुख्य मुद्दा बना था। 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद संभालने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप का एजेंडा भी आव्रजन संबंधी नियमों में परिवर्तन कर अमेरिकी युवाओं में नौकरी के अवसर खड़े करना है। इस संबंध में उन्होंने श्रम विभाग को पहले ही दिन सक्रिय हो जाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों को आएंगी मुश्किलें

Bill targeting H-1B visas reintroduced in US Congress

अमेरिकी संसद में जो विधेयक वहां के दो रिपब्लिकन सांसदों ने रखा है उसके पास हो जाने पर अमेरिका में रह रहे भारतीय पेशेवरों के सामने मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।

अमेरिकी कंपनियां भारतीय पेशेवरों को नौकरी पर रखना अधिक पसंद करती हैं, क्योंकि अमेरिकी नागरिक कम घंटे काम के एवज में वेतन व सुविधाएं अधिक मांगते हैं, जबकि भारतीय युवा कम वेतन व सुविधाओं पर अधिक देरी तक काम करते हैं।

भारतीयों की मदद के लिए दफ्तर खुलना शुरू

वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने वीजा संबंधी मुश्किलों को दूर करने के लिए कार्यालय शुरू किए हैं। इनसे भारतीय मूल के लोगों की अमेरिकी कानून के दायरे में हर संभव मदद की जाएगी। अमेरिका में ऐसे कार्यालय न्यूयॉर्क, अटलांटा, ह्यूस्टन, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को में भी खोले जाने हैं। 

क्या कहा रविशंकर प्रसाद ने?

Bill targeting H-1B visas reintroduced in US Congress

हाल ही में इस मामले में आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि आगामी जनवरी में अमेरिका में नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद सरकार इस मामले में बात करेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा सख्त वीजा नीति अपनाने पर भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिका ले जाने वाले डेवलपर्स और इंजीनियरों की संख्या सीमित कर देंगी और स्थानीय कॉलेजों से कैंपस प्लेसमेंट पर जोर दे सकती हैं। इन्फोसिस के मुताबिक यदि अमेरिका में कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हुई, तो हमें स्थानीय लोगों को हायर करना होगा। खासतौर पर यहां के विश्वविद्यालयों से फ्रेशरों का चयन किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed