अमेरिका में ‘ड्रीमर्स’ को संरक्षण के पक्ष में उतरे उद्योग जगत के दिग्गज
- अमेरिकी सांसदों को 100 से ज्यादा सीईओ ने लिखा खुला पत्र
- बच्चों के रूप में लाए गए अवैध प्रवासियों को कहा जाता है ड्रीमर्स
- करीब 20 साल से चल रहा है ड्रीम अधिनियम पारित करने का अभियान
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने दिया था सात लाख ड्रीमर्स को संरक्षण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उद्योग जगत की 100 से ज्यादा हस्तियों ने अमेरिकी सांसदों से अमेरिका में बच्चों के रूप में लाए गए अवैध प्रवासियों के संरक्षण की मांग की है। अमेरिकी कांग्रेस को सोमवार को लिखे गए खुले पत्र में जनरल मोटर्स, फेसबुक, कोका कोला, एपल, अमेजन, गूगल, एटीएंडटी और माइक्रोसॉफ्ट सहित कई दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने कहा कि इन प्रवासियों को ‘ड्रीमर्स’ कहा जाता है और ये लोग अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए सौगात हैं। ये प्रवासी अमेरिका का एक प्रतिबद्ध श्रमबल है।
इन सीईओ का पत्र सोमवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स में एक पूरे पेज के विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है, ‘ये हमारे दोस्त, पड़ोसी और सहयोगी कर्मचारी हैं। उनका भविष्य क्या होगा उसके लिए अदालती फैसले का इंतजार नहीं करना चाहिए। अमेरिकी कांग्रेस अभी इस पर कदम उठा सकती है।’ करीब 20 साल से चल रहे अभियान के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सांसदों पर ‘ड्रीम अधिनियम’ को पारित करने का दबाव बनाया है। यह कानून पारित होने के बाद ‘ड्रीमर्स’ अमेरिका के वैध निवासी बन जाएंगे और उनकी नागरिकता का मार्ग खुल सकेगा।
ओबामा ने दिया था सात लाख को संरक्षण
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सात लाख ड्रीमर्स को उनके देश वापस देने जाने से कुछ शर्तों के साथ संरक्षण दिया था। लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2017 में इस नीति को रद्द कर दिया था। हालांकि, अदालती आदेश के बाद यह कानून अभी कायम है।