बराक ओबामा की पांच सबसे बड़ी चुनौतियां

बीबीसी हिंदी Updated Thu, 08 Nov 2012 11:45 AM IST
barack obamas five biggest challenges
बराक ओबामा एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। लेकिन उनकी समस्याएँ कम नहीं हैं। उनके सामने कुछ गंभीर चुनौतियां मुंह बाएं खड़ी हैं। ये हैं ओबामा के सामने पांच सबसे बड़ी चुनौतियां-

1) कमज़ोर अर्थव्यवस्था

ग्रेट डिप्रेशन यानी महामंदी के बाद की सबसे बड़ी आर्थिक सुस्ती से अमेरिका धीरे धीरे उबर तो रहा है लेकिन आंकडे अब भी विकास के विपरीत हैं। बेरोजगारी की दर 7।9 प्रतिशत है और कई लाख अमेर‌िकी या तो बेरोज़गार हैं या फिर अपनी क्षमता से कम स्तर के काम में लगे हैं। आर्थिक विकास दो प्रतिशत है जो सब कुछ ठीक होने का भरोसा नहीं दिलाता। जिन कारणों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था ढीली पड़ रही है उनमें प्रमुख है यूरोप का कर्ज़ संकट, अमेरिका के रियल एस्टेट बाजार में लगातार जारी उथल पुथल और अमेरिका की वित्तीय नीति पर अनिश्चितता।

2) राजकोषीय घाटा

अगले साल पहली जनवरी को अमरीकी सरकार को अपनी खर्चों में बड़ी कटौती करनी है और इसके साथ ही अमरीकी जनता को भी कई नए करों के भार से दो-चार होना पड़ेगा। अमेरिका की नाज़ुक अर्थव्यवस्था को इनसे बेतहाशा नुकसान झेलना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों के कई जानकार कहते हैं कि टैक्स बढ़ाकर और खर्च कम करने से अमरीकी अर्थव्यवस्था वापस मंदी के दौर में जा सकती है। लेकिन ये दो कदम ओबामा ने अपने पहले कार्यकाल में ही तय किए थे और उन्हें इसका हल ढूंढना जरूरी है।

3) ईरान

अमेरिका की सबसे बड़ी राजनयिक चुनौती ईरान है। अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण कार्यों यानी सिर्फ बिजली पैदा करने के लिए है। ईरान के मामलों के जानकार करीम साद्जापोर तो यहां तक कहते हैं, "ईरान और अमेरिका शीत युद्ध की स्थिति में हैं।" ईरान के राजनेता अपने देश की नीति को सीधे तौर पर अमरिका के विरोध करने से जोड़ रहे हैं। इसके अलावा अगर इसराइल ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला बोलता है तो ये ओबामा के लिए सरदर्द साबित हो सकता है।ओबामा के सामने चुनौती है कि वो बिना सेना की सहायता लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक कैसे लगाए।

4) चिकित्सा खर्च
अमरीकी सरकार देश में 65 साल से ऊपर के लोगों के लिए एक बड़ी मेडिकेयर योजना चलाती है लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस योजना का कोष खाली होने वाला है। ये कार्यक्रम पचास साल पुराना है और डेमोक्रेट का ही लाया हुआ है। लेकिन चिकित्सा के बढ़ते खर्च और अमेरिका में एक बड़ी जनसंख्या का 65 के पार जाना इस कार्यक्रम की रीढ़ तोड़ रहा है। अस्पताल बीमा योजना के लिए राशि वर्ष 2024 में खत्म हो जाएगी और डॉक्टर की जांच और दवाओं पर लगने वाला खर्च भी साल 2035 में बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद का 3।4 प्रतिशत हो जाएगा।विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका की पूरी स्वास्थ्य योजना पर दूसरी नज़र डालने की जरूरत है।

5) कांग्रेस में सहमति बनाना

इस बार भी अमरीकी सदन डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सदस्यों में बुरी तरह विभाजित है। पिछले चार साल भी यही हाल रहा था और ओबामा को कोई भी बिल पास कराने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी थी। आर्थिक और सामरिक मुद्दों पर अपने नए कार्यकाल में कांग्रेस में सहमति बना पाना और कांग्रेस को एक साथ लेकर काम करना ओबामा के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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