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सीरिया पर हमला अमेरिकी हित में: ओबामा
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 11 Sep 2013 03:14 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सीरिया में बशर अल असद सरकार के खिलाफ लक्षित सैन्य कार्रवाई अमेरिकी सुरक्षा हितों में है। सीरिया में कथित रासायनिक हमले के बाद वहां सैन्य कार्रवाई के लिए एक बार ओबामा ने समर्थन मांगा है।
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ओबामा ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि सीरिया की जमीन पर अमेरिकी सैनिक नहीं उतरेंगे। इससे साफ है कि वहां हवाई कार्रवाई हो सकती है।
पिछले महीने सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास हुए कथित रासायनिक हमले के बाद सीरिया पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी का कहना है कि इस हमले में 1429 लोग मारे गए और राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं।
लेकिन असद इन आरोपों से इनकार करते हैं। रूस और चीन भी सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप का विरोध कर रहे हैं।
ओबामा ने इस मुद्दे पर एक बार फिर रूस समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मांगा है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि अगर राजनयिक प्रयास नाकाम रहे तो भी सैन्य कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।
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उधर, अमेरिकी कांग्रेस में सीरिया में कार्रवाई के मुद्दे पर होने वाले मतदान को टाल दिया गया है ताकि इस बारे में राजनयिक कोशिशों को अवसर दिया जा सके।
'असद को संदेश देना होगा'
व्हाइट हाउस से अपने इस संबोधन में राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि वो सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप से लंबे समय से बच रहे थे क्योंकि वो मानते हैं कि बलपूर्वक किसी भी गृह युद्ध को नहीं सुलझाया जा सकता।
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लेकिन उन्होंने कहा कि दमिश्क में 21 अगस्त को कथित रासायनिक हमले के बाद उनका मन बदल गया।
ओबामा ने कहा, “मैंने इस बात का इरादा कर लिया है कि अमेरिकी सीरिया में लक्षित सैन्य हमला करेगा। मगर सीरिया की जमीन पर अमेरिकी सैनिकों के कदम नहीं पड़ेंगे।
एक लक्षित कार्रवाई के जरिए हम अपना लक्ष्य हासिल करेंगे। असद को यह संदेश होगा कि भविष्य में कोई और तानाशाह ऐसा न कर पाए।”
ओबामा ने कहा कि अमेरिकी की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है और उन्होंने सीरिया में कार्रवाई के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा है।
ओबामा ने कहा, "अगर अमेरिकी कार्रवाई नहीं करता तो असल में हम व्यापक विनाश के हथियारों के इस्तेमाल के लिए रास्ता खोल रहे हैं। ऐसी दुनिया हमें कुबूल नहीं है।"
'रूस सहयोगी'
ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी जानता है कि रूस सीरिया का सहयोगी है। उन्होंने कहा कि रूसी सरकार ने पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ चलने का फैसला किया है।
कांग्रेस से भी वो इसके लिए समर्थन मांग रहे हैं। ओबामा ने कहा कि अमेरिकी असद सरकार के खिलाफ कार्रवाई के लिए यूरोप एशिया और मध्यपूर्व से समर्थन जुटाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "तथ्य इस बात के सुबूत हैं कि सीरिया में विरोधियों को मारने के लिए रासायनिक गैसों का इस्तेमाल किया गया। अगर हम उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं तो यह अमरीका और उसकी सुरक्षा के लिए खतरा होगा। भविष्य में आतंकवादी भी ये आसान कदम उठाएंगे।"
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी कह चुके हैं कि अगर सीरिया अपने रासायिक हथियार अंतरराष्ट्रीय निगारानी में सौंप दे तो उसके खिलाफ हमला नहीं होगा।