फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   barack obama primary political life

एक थे ओबामा...

Fri, 07 Feb 2014 04:44 PM IST
ब्रजेश उपाध्याय/बीबीसी संवाददाता
ब्रजेश उपाध्याय/बीबीसी संवाददाता Updated Fri, 07 Feb 2014 04:44 PM IST
विज्ञापन
barack obama primary political life

बहुत पुरानी बात है। कम से कम लगता तो ऐसा ही है जैसे बहुत-बहुत पुरानी बात हो। सन था 2008।

विज्ञापन


अमेरिकी राजनीति के आसमान में अचानक से एक सितारा चमकने लगा। चमक ऐसी कि कैलिफ़ोर्निया से क़ाहिरा तक, बॉस्टन से बीजिंग तक, ड्रॉइंग रूम और गलियों में, गांवों और शहरों में, संसद और कारख़ानों में लोग उसकी बातें करने लगे।

नाम था ओबामा। लेकिन वो नाम कुछ भी हो सकता था- उम्मीद, भरोसा, सिद्धांत, ईमान और शायद सत्य भी। राजनीति में ये शब्द मायने भी रख सकते हैं। वो एहसास ही कुछ अलग सा था।
विज्ञापन


वो कहानियां सुनाता था, लहरों के ख़िलाफ़ तैरने की बात करता था। चेहरे पर चमक थी, हेमलिन शहर के बांसुरीवादक की तरह हज़ारों की भीड़ को अपने पीछे खींचता और मंत्रमुग्ध लोग तैयार रहते उसके साथ कहीं भी जाने को।
विज्ञापन
विज्ञापन


लड़कियां उसे सेक्सी कहती थीं, बुद्धिजीवी उसे दूरदर्शी कहते थे, बच्चे अचानक से सुपरमैन और स्पाइडरमैन को छोड़कर ओबामा बनना चाहते थे। अमेरिका ने जॉन एफ़ कैनेडी को देखा था, बिल क्लिंटन को देखा था लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं देखा था।

20 जनवरी 2009 को वाशिंगटन की एक कंपकपाती सर्द सुबह नेशनल मॉल पर हज़ारों की भीड़ में मैं भी गवाह था उन पलों का जब उस बांसुरीवादक ने वादा किया अमेरिका से और दुनिया से एक नई शुरूआत का, एक नई यात्रा का।

दीवार पर टंगी तस्वीर
कल अचानक से यू-ट्यूब पर पांच साल पुराने ओबामा दिखे। किसी मनपसंद पुरानी फ़िल्म की तरह मैंने उनके कुछ भाषणों को सुना और लगा जैसे हॉलीवुड के किसी कैरेक्टर को देख रहा हूं जो ओबामा की भूमिका निभा रहा है।

जो ओबामा इन दिनों मुझे दिखते हैं वो तो पुराने ओबामा की दीवार पर टंगी पीली पड़ती हुई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर की तरह नज़र आते हैं।

बालों में सफ़ेदी आ गई है, चेहरे की चमक गायब है, भाषण उबाऊ हो रहे हैं, ओबामा हमेशा थके-थके नज़र आते हैं। उनकी लोकप्रियता आधी रह गई है और हर नए सर्वे में नीचे ही जा रही है। बांसुरीवादक के पीछे चलने वाली भीड़ छंट सी गई है।

देखा जाए तो जो अमेरिका ओबामा को मिला था, उसके मुक़ाबले आज दिन काफ़ी सुधर गए हैं। दो युद्ध चल रहे थे, आर्थिक मंदी थी, लाखों की नौकरियां छिन गई थीं, क़िस्त नहीं चुका पाने की वजह से लोगों के सिरों से छत हट गई थी।

लोग अमेरिकी सुपरपावर के ख़त्म होने की बात कर रहे थे। चीन, भारत और रूस के प्रभुत्व वाली नई दुनिया की बात ज़ोर पकड़ रही थी।

सिर पर सेहरा नहीं
आज एक युद्ध ख़त्म हो चुका है और अमेरिका दूसरे से भी अपनी फ़ौज वापस लाने का ऐलान कर चुका है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुधार पर है, नई नौकरियां पैदा हो रही हैं। अमेरिका का दबदबा पहले जितना तो नहीं लेकिन अभी भी बरक़रार है।

तो फिर ओबामा के सिर पर कामयाबी का सेहरा क्यों नहीं?

यू ट्यूब के भाषणों को मैंने फिर से देखा और बात कुछ हद तक समझ में आई।

ओबामा ने जो कहानियां सुनानी शुरू की थीं, दुनिया ने बरसों से वो कहानियां नहीं सुनी थीं। लेकिन व्हाइट हाउस में घुसने के बाद वो कहानियां उन्होंने अधूरी छोड़ दी हैं। बॉलीवुड की फ़िल्मों की तरह पुरानी कहानियां ही फिर से रीसाईकिल होने लगीं।

चेहरे पर झुंझलाहट
ओबामा ने बंदूक़ ख़त्म करने की बात की थी, आज हर दूसरे दिन कोई सनकी स्कूली बच्चों को बंदूक़ का निशाना बना रहा होता है।

वॉल स्ट्रीट के जिन गुंडों को ख़त्म करने की बात कही थी उन्होंने, वही आज फिर से दुनिया से हफ़्ता वसूली कर रहे हैं।

अमीरी-ग़रीबी की खाई पहले से ज़्यादा बड़ी हो गई है। जिस दुनिया को उन्होंने अमेरिकन ड्रीम में हिस्सा देने का वादा किया था, वो दुनिया आज भी अमेरिकी आप्रवासन नियमों के दीवार से सिर टकरा कर ज़ख़्मी हो रही है।


नायकों और महानायकों की कहानियां ज़रूरी होती हैं क्योंकि वो नींव बनती हैं आने वाले कल की। और ज़रूरी होता है कि वो कहानियां पूरी की जाएं।

शायद अपनी कहानी अभी तक पूरी नहीं कह पाने की झुंझलाहट है उनके चेहरे पर। शायद बंटे हुए अमेरिका को एक नहीं कर पाने की हताशा है उनके भाषणों में। शायद अपने सिद्धांतों से हटना उन्हें भी कचोटता है। शायद एक आम राजनेता जैसा बर्ताव उन्हें भी सालता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed