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भारत की परमाणु क्षमता पर दिए बयान पर कायम ओबामा
एजेंसी / वाशिंगटन
Updated Wed, 06 Apr 2016 04:52 AM IST
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obama
- फोटो : Reuters
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भारत की तरफ से अपनी बढ़ती परमाणु क्षमता को लेकर दिए गए अपने बयान ओबामा कायम हैं। भारत ने इसे लेकर चिंता जताई है लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति का इस मामले को लेकर अपना रुख बरकरार है।
व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ को लेकर जो चिंता जताने संबंधी बयान दिया था, वह उस पर आज भी कायम हैं।
पिछले शुक्रवार को बराक ओबामा ने दक्षिण एशिया में विशेषकर भारत और पाकिस्तान की बढ़ती परमाणु शक्ति को लेकर चिंता जताई थी। भारत ने इसको लेकर सोमवार को ओबामा की कड़ी आलोचना की थी।
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इसके एक दिन बाद ही मंगलवार को व्हाइट हाउस ने साफ किया कि राष्ट्रपति ने अपने बयान में दक्षिण एशिया की बढ़ती परमाणु क्षमता और मिसाइल निर्माण को लेकर चिंता जताई थी। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा कि हम युद्ध के मैदान में उपयोग के लिए तैयार किए जा रहे परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि ये चिंता का विषय हैं, क्योंकि उनके चोरी होने का डर है। अर्नेस्ट ने चिंता जताई कि भारत-पाकिस्तान के बीच समय-समय पर पैदा होने वाले तनाव परमाणु हथियारों का उपयोग किए जाने की आशंकाओं को बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में वाशिंगटन में समाप्त हुए परमाणु सुरक्षा समिट का ध्येय परमाणु हथियार विहीन विश्व बनाना था।
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व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ को लेकर जो चिंता जताने संबंधी बयान दिया था, वह उस पर आज भी कायम हैं।
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पिछले शुक्रवार को बराक ओबामा ने दक्षिण एशिया में विशेषकर भारत और पाकिस्तान की बढ़ती परमाणु शक्ति को लेकर चिंता जताई थी। भारत ने इसको लेकर सोमवार को ओबामा की कड़ी आलोचना की थी।
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इसके एक दिन बाद ही मंगलवार को व्हाइट हाउस ने साफ किया कि राष्ट्रपति ने अपने बयान में दक्षिण एशिया की बढ़ती परमाणु क्षमता और मिसाइल निर्माण को लेकर चिंता जताई थी। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा कि हम युद्ध के मैदान में उपयोग के लिए तैयार किए जा रहे परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि ये चिंता का विषय हैं, क्योंकि उनके चोरी होने का डर है। अर्नेस्ट ने चिंता जताई कि भारत-पाकिस्तान के बीच समय-समय पर पैदा होने वाले तनाव परमाणु हथियारों का उपयोग किए जाने की आशंकाओं को बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में वाशिंगटन में समाप्त हुए परमाणु सुरक्षा समिट का ध्येय परमाणु हथियार विहीन विश्व बनाना था।