मोदी की यात्रा से पहले ओबामा का 'राहुल' पर दांव
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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रिचर्ड राहुल वर्मा को भारत में नया अमेरिकी राजदूत नामांकित किया है। उनके नामांकन को अभी अमेरिकी सीनेट से मंज़ूरी मिलनी बाक़ी है। लेकिन उम्मीद है कि इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी।
अगर उनके नाम को मंज़ूरी मिल जाती है, तो वो भारत में भारतीय मूल के पहले अमेरिकी राजदूत होंगे। भारत में अमेरिकी राजदूत का पद नैंसी पावेल के इस्तीफ़े के बाद से ख़ाली है।
उन्होंने अमेरिका में भारतीय अधिकारी देवयानी खोबरागड़े के साथ हुई घटना के बाद पैदा हुए विवाद के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था। रिचर्ड राहुल वर्मा 1994 से 1998 के दौरान अमरीकी वायुसेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राहुल वर्मा से अमेरिका का होगा फायदा
उन्हें उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सम्मानों के साथ-साथ मेरिटोरियस सर्विस मेडल और एयर फ़ोर्स कमांडेशन मेडल से भी सम्मानित किया गया।
रिचर्ड ने लिघे विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक, अमरीकन विश्वविद्यालय से क़ानून में स्नातक और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के लॉ सेंटर से एलएलएम की डिग्री हासिल की है।
इस समय वो अंतरराष्ट्रीय क़ानून सलाहकार संस्था स्टेपटो एंड जॉनसन एलएलपी में वरिष्ठ वकील के रूप में काम कर रहे हैं। वो 'सेंटर फ़ॉर अमेरिकन प्रोग्रेस' में वरिष्ठ नेशनल सिक्योरिटी फ़ेलो के रूप में कार्यरत हैं। वो 2009 से 2011 तक विदेश विभाग में हिलेरी क्लिंटन के कार्यकाल में विधायी मामलों के उप मंत्री रह चुके हैं।
रिचर्ड ने 2002 से 2007 तक सीनेट के मेजॉरिटी लीडर हैरी रीड के वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों के सलाहकार के रूप में काम किया है।
उन्हें 2008 में आतंकवाद और जनसंहार के हथियारों की रोकथाम के लिए बने आयोग में नियुक्त किया गया था। वो इस आयोग की रिपोर्ट 'वर्ल्ड एट रिस्क' के सहलेखक भी हैं।