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कर्नाटक के अरमार को अमेरिका ने घोषित किया ISIS का इंटरनेशनल आतंकी
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:34 AM IST
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arman
भारतीय उप महाद्वीप में आतंकी समूह आईएस के लिए भर्ती करने वाले भगोड़े मोहम्मद शफी अरमार के नाम को अमेरिका ने बृहस्पतिवार को वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल किया है। अरमार कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला है।
अमेरिकी विदेश ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक आतंकियों की सूची को अपडेट करने के दौरान उसमें अरमार के नाम को भी शामिल कर दिया। 30 वर्षीय अरमार के खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी लंबित है। उसके छोटे मौला, अंजन भाई और यूसुफ अल-हिंदी जैसे कई नाम हैं।
अरमार का नाम अब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण के कार्यालय में जोड़ा गया है, जो मुख्य रूप से देशों और समूहों के आतंकवादियों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध कार्यक्रम को लागू करता है।
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ऐसा कहा जाता है कि भारत में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों पर कार्रवाई के बाद अरमार अपने बड़े भाई के साथ पाकिस्तान भाग गया था। पाकिस्तान में इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज सहित भटकल भाईयों से लड़ाई के बाद अरमार ने अंसर उल-तौहीद ग्रुप बनाया जो कि बाद में आईएस के साथ जुड़ गया।
कई बार ऐसी खबरें आईं कि वह संयुक्त बलों के ड्रोन हमले में मारा गया मगर खुफिया एजेंसियों ने ऐसी खबरों को हर बार गलत बताया। अरमार एक तकनीकी विशेषज्ञ है जो कि फेसबुक और अन्य सोशल साइटों के माध्यम से भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें आईएस में भर्ती करवाता है।
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अमेरिकी विदेश ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक आतंकियों की सूची को अपडेट करने के दौरान उसमें अरमार के नाम को भी शामिल कर दिया। 30 वर्षीय अरमार के खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी लंबित है। उसके छोटे मौला, अंजन भाई और यूसुफ अल-हिंदी जैसे कई नाम हैं।
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अरमार का नाम अब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण के कार्यालय में जोड़ा गया है, जो मुख्य रूप से देशों और समूहों के आतंकवादियों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध कार्यक्रम को लागू करता है।
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ऐसा कहा जाता है कि भारत में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों पर कार्रवाई के बाद अरमार अपने बड़े भाई के साथ पाकिस्तान भाग गया था। पाकिस्तान में इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज सहित भटकल भाईयों से लड़ाई के बाद अरमार ने अंसर उल-तौहीद ग्रुप बनाया जो कि बाद में आईएस के साथ जुड़ गया।
कई बार ऐसी खबरें आईं कि वह संयुक्त बलों के ड्रोन हमले में मारा गया मगर खुफिया एजेंसियों ने ऐसी खबरों को हर बार गलत बताया। अरमार एक तकनीकी विशेषज्ञ है जो कि फेसबुक और अन्य सोशल साइटों के माध्यम से भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें आईएस में भर्ती करवाता है।