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गंजापन क्या कामोत्तेजना की कुंजी है?

Tue, 11 Dec 2012 07:30 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 11 Dec 2012 07:30 PM IST
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are bald men more virile

ब्रूस विलिस, आंद्रे आगासी और माइकल जॉर्डन- क्या समानता है तीनों में? तीनों अपने क्षेत्र के महारथी लोग हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं इनकी फैन हैं और ये तीनों ही गंजे हैं। जी हां गंजे।

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कहा जाता है कि कामोत्तेजना के लिए जरूरी हॉर्मोन टेस्टोसटेरोन बालों को कम भी कर देता है यानी जिनके बाल कम हो जाते हैं उनमें कामोत्तेजना अधिक होती है। वो वीर्यवान होते हैं। लेकिन ये कहानी इतनी सरल नहीं बल्कि थोड़ी जटिल है।
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ये सही है कि गंजेपन का संबंध टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन से जोड़ा जाता है। साल 1960 में येल यूनिवर्सिटी के एक डॉक्टर जेम्स बी हैमिल्टन ने उन 21 बच्चों पर अध्ययन किया जिनके अंडकोष निकाले जाने थे।
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पुराने समय में जिन बच्चों को मानसिक परेशानी होती थी उनके अंडकोष निकाल देने का प्रचलन था। हैमिल्टन ने इन सभी बच्चों से संपर्क बनाए रखा। किसी किसी से तो वो 18 साल तक मिलते रहे।

गंजापन और टेस्टोस्टेरोन
उन्होंने पाया कि इन बच्चों के बाल बिल्कुल नहीं झड़े जबकि वो लोग जिनमें अंडकोष बरकरार थे उनमें बाल कम होते देखे गए। हैमिल्टन पहले वैज्ञानिक नहीं थे जिन्होंने गंजेपन और टेस्टोस्टेरोन का संबंध खोजा था। इससे पहले हिप्पोक्रेटस और अरस्तू भी सदियों पहले ये बात कह चुके थे।

हैमिल्टन ने अपने शोध में पाया कि टेस्टोस्टेरोन आपके रक्त में कितना होता है, बालों का गिरना इस पर पूरी तरह निर्भर नहीं करता बल्कि इसके लिए गुणसूत्र भी ज़िम्मेदार होते हैं, क्योंकि जिन लोगों में टेस्टोस्टेरोन कम था उनमें भी बाल झड़ने की समस्या देखी गई, भले ही कम क्यों ना हो।

होता ये है कि एक एंजाइम होता है जो टेस्टोस्टेरोन को डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन में बदल देता है जो केश छिद्रों को छोटा कर देता है। केश छिद्र छोटे होने से बालों का जीवन चक्र छोटा होता है और बाल पतले होने लगते हैं।

यह सिर की ऊपरी परत से शुरु होता है और फिर बाल झड़ने लगते हैं। मजे़दार बात यह है कि सिर्फ सिर के केश छिद्रों में ही समस्या होती है गालों के केश छिद्र ठीक रहते हैं इसलिए गंजे लोगों में दाढ़ी उगना जारी रहता है।

गुणसूत्र का कमाल
जिन लोगों के बाल नहीं झड़ते उनमें यह एंजाइम कम पाया जाता है जो टेस्टोस्टेरोन को बदलता है। अब वैज्ञानिकों ने एक उपाय निकाला जिसे फिनेसट्राइड कहते हैं जिससे इस एंजाइम को रोका जाता है लेकिन ये प्रक्रिया काफी खर्चीली होती है।

इस समय इस बात पर भी शोध हो रहा है कि बालों का उगना बंद क्यों हो जाता है। लेकिन अभी कुछ ठोस सामने नहीं आ सका है। गंजेपन को कई मिथकों से जोड़ा जाता रहा है।


शायद इसलिए क्योंकि इसमें कोई पैटर्न खोज पाना मुश्किल रहा है तो आगे से अगर आप भी गंजे हो रहे हों तो ये न सोचें कि आप वीर्यवान हैं बल्कि समझ जाएं कि ये गुणसूत्रों का कमाल है जो आपके माता पिता से आपमें आए हैं।

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