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इंडियन के बिना फिर ग्रेट नहीं बन सकता अमेरिका, जानें क्यों है ऐसा

Wed, 10 Jan 2018 12:02 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Wed, 10 Jan 2018 12:02 PM IST
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Amid H1B Visa row Data suggests America can not become Great again without Indians
अमेरिकी और भारतीय झंडा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासी विरोधी नीति के चलते भले ही मैक्सिको और दूसरे देशों के प्रवासी निशाने पर रहे हों, लेकिन अमेरिकी सांसद और उद्योगपतियों का एक बड़ा वर्ग भारतीय प्रवासियों का पक्षधर रहा है। एच1बी वीजा नीतियों में सख्ती का अमेरिकी सांसदों का एक बड़ा समूह विरोध कर रहा था। अमेरिकी अर्थशास्त्रियों का भी मानना है कि भारतीयों के जाने से अमेरिका की प्रतिभा, ज्ञान, अर्थ और तकनीक की ताकत कम होगी। आइए जानते हैं वहां रहने वाले भारतीय अमेरिका के लिए क्यों अहम हैं।
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एक फीसदी आबादी 

अमेरिका में 30 लाख से ज्यादा भारतीय हैं, जो अमेरिका की कुल आबादी का एक फीसदी हिस्सा है। कंप्यूटर और आईटी क्रांति ने बड़ी संख्या में भारतीयों को अमेरिका पहुंचाया। 1997 से लेकर 2013 तक आधे एच1बी वीजा भारतीयों को मिले। एक अनुमान के मुताबिक 2030 तक अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की संख्या दोगुनी हो जाएगी और वह उसकी कुल आबादी का दो फीसदी हो जाएंगे। 
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ज्यादातर स्थायी निवासी 

अमेरिका में रहने वाले ज्यादातर भारतीयों को स्थायी निवास का अधिकार (ग्रीन कार्ड) मिल चुका है। सिर्फ पांच लाख से 7.5 लाख भारतीय एच1बी वीजा पर रह रहे हैं।
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सबसे ज्यादा शिक्षित 

19वीं शताब्दी में श्रमिकों के रूप में भारतीयों ने अमेरिका जाना शुरू किया था, लेकिन प्यू की रिपोर्ट के मुताबिक आज अमेरिका में भारतीय समुदाय ही सबसे ज्यादा शिक्षित है। वहां रहने वाले 25 साल से ज्यादा उम्र के 70 फीसदी भारतीयों के पास कालेज डिग्री है। जब अमेरिका में सिर्फ औसतन 28 फीसदी लोगों के पास कालेज डिग्री है।

सबसे अमीर 

अमेरिकी भारतीयों की आय 88 हजार डॉलर प्रति वर्ष है। जबकि अमेरिका की औसत आय 49,800 डॉलर है।

विज्ञान और इंजीनियरिंग में जलवा 

28 फीसदी भारतीय अमेरिका में इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम कर रह हैं। सिर्फ पांच फीसदी अमेरिकी ही इंजीनियर हैं। अमेरिका में रहने वाले 69.3 फीसदी भारतीय प्रबंधन, विज्ञान, व्यापार और कला क्षेत्र से जुड़े हैं। 

प्रशासन में धमक 

यूएन में अमेरिका की दूत निक्की हेली, पूर्व गवर्नर बॉबी जिंदल और सांसद कमला हैरिस समेत बड़ी संख्या में भारतीयों की प्रशासन में धमक है। पेप्सी की सीईओ इंदिरा नूरी, माइक्रोसाफ्ट के सत्य नडेला और गूगल के सुंदर पिचाई उद्योग जगत में अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

अमेरिका में ज्यादातर भारतीय हिंदू

Amid H1B Visa row Data suggests America can not become Great again without Indians
संस्कार 

भारतीय शादी को काफी महत्व देते हैं और उनमें तलाक काफी कम होता है। इसलिए अमेरिका में गरीबी के सबसे बड़े कारण सिंगल पैरेंटिंग का खतरा काफी कम होता है। यूएस के 63 प्रतिशत भारतीय बच्चे अपने दोनों अभिभावक माता-पिता के साथ रहते हैं। 92 फीसदी के परिवार टूटे नहीं हैं।

ज्यादातर हिंदू 

अमेरिका में रहने वाले 51 फीसदी भारतीय हिंदू हैं। 10 फीसदी मुस्लिम, 18 फीसदी ईसाई, दो फीसदी जैन, पांच फीसदी सिख हैं।

70 साल लग जाएंगे आवेदन करने वालों को ग्रीन कार्ड पाने में 

एच1बी वीजा पर अभी सिर्फ एक विस्तार मिलता है, लेकिन ग्रीन कार्ड का आवेदन मंजूर होने पर एक के बाद एक वीजा विस्तार के जरिए अमेरिका में रुका जा सकता है। पर अमेरिका हर साल एक निश्चित संख्या में ही ग्रीन कार्ड देता है। इसलिए ग्रीन कार्ड आवेदन मंजूर होने के बाद अमेरिका में एच1बी वीजा पर बड़ी संख्या में भारतीय रह रहे हैं।

एक अनुमान के मुताबिक इतने लोगों का ग्रीन कार्ड मिलने में 70 साल लग जाएंगे। अगर ट्रंप प्रशासन उस नियम को लागू कर देता जिसमें ग्रीन कार्ड आवेदन करने वालों को वीजा अवधि में विस्तार नहीं मिलना था, तो इसके चलते अधिकतम छह साल वीजा पर काम करने के बाद भारतीयों को वापस लौटना पड़ता। 
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