जापान मे परमाणु बम गिराने वाले अमेरिकी की मौत
हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराने वाले अमेरिकी विमान के पायलट थियोडोर वान क्रिक का 93 साल की आयु में जार्जिया में निधन हो गया।
'डच' के नाम से मशहूर क्रिक 'इनोला गे' नामक विमान के चालक दल के अंतिम जीवित सदस्य थे। 24 साल की आयु में उनकी तैनाती इस विमान पर हुई थी।
छह अगस्त 1945 को जापानी शहर हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले में करीब एक लाख चालीस हजार लोगों की मौत हुई थी।
अपने किए का पछतावा नहीं
वान क्रिक को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। उन्होंने इसका यह कहकर बचाव किया था कि इस वजह से दूसरा विश्व युद्ध खत्म हो गया।
उनके बेटे डॉम वान क्रिक ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए समाचार एजेंसी एपी से कहा,'' मैं जानता हूँ कि उन्हें युद्ध विजेता के रूप में जाना जाता है। लेकिन हम उन्हें एक अच्छे पिता के रूप जानते हैं।''
उन्होंने बताया कि उनके पिता की सेवानिवृत्त लोगों के लिए बने घर में प्राकृतिक मौत हुई। वान क्रिक का अंतिम संस्कार अगले हफ्ते पेंसेल्विनिया में होने की उम्मीद है।