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अफगानिस्तान से सैन्य वापसी नहीं, शांति समझौता चाहते हैं
Sun, 10 Feb 2019 04:09 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 10 Feb 2019 04:09 AM IST
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US Army
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुलाने के समझौते के बजाए वहां शांति समझौता चाहता है। तालिबान के साथ सीधी वार्ता की पहल करने के कुछ सप्ताह बाद विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद ने कहा कि युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शांति समाधान की दिशा में अभी कुछ ही कदम उठाए गए हैं लेकिन अभी लंबा सफर बाकी है।
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विदेश मंत्री माइक पोम्पियो द्वारा खलीलजाद को विशेष दूत बनाए जाने के करीब छह माह बाद खलीलजाद का यह पहला सार्वजनिक बयान है। उन्होंने कहा, ‘मेरा लक्ष्य वहां से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के लिए समझौता कराना नहीं बल्कि शांति समझौता करना है। शांति समझौते से ही सैनिकों की वापसी मुमकिन हो सकती है। हम केवल सैनिकों की वापसी के समझौते के लिए काम नहीं कर रहे।’ उन्होंने कहा, ‘हमने उन मुद्दों की एक सूची तैयार करने की कोशिश की है जिनसे निपटने की जरूरत है। शुरुआत में हम दो मुद्दों से निपटने की कोशिश करेंगे, उनमें पहला है आतंकवाद का खात्मा और दूसरा है सैनिकों की वापसी।’
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खलीलजाद ने कहा, ‘कई दौर की बातचीत के बाद हम तालिबान के साथ ऐसा मसौदा तैयार करने पर सहमत हुए हैं जो ऐसी व्यवस्था लागू करेगा कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय आतंकी गुट या व्यक्ति अफगानिस्तान या उसके द्वारा नियंत्रित किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम तालिबान से बातचीत जारी रख उसे उसके द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए विवश करेंगे।’
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