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डोनाल्ड ट्रंप के परिवार नियोजन नियम को समूचे अमेरिका में लागू करने पर रोक
Tue, 15 Jan 2019 01:53 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 15 Jan 2019 01:53 PM IST
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donald trump
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अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन के परिवार नियोजन संबंधी कानून को समूचे अमेरिका में लागू करने से सोमवार को रोक दिया।
ट्रंप प्रशासन के बनाए इस कानून के लागू होने से अमेरिका के अधिकतम नियोक्ताओं को यह तय करने की छूट मिल जाएगी कि वह महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराना चाहते हैं या नहीं।
फिलाडेल्फिया में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज वेंडी बीटलस्टोन पेनसिल्वेनिया द्वारा दायर वाद पर सुनवाई को सहमत हुईं। इस वाद में नियम लागू होने से राज्यों को होने वाले संभावित नुकसानों का हवाला दिया गया।
बीटलस्टोन ने अपने फैसले में कहा कि कई नागरिक परिवार नियोजन कवरेज के दायरे से बाहर हो जाएंगे और इससे सरकारी गर्भनिरोधक सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही अनचाहे गर्भ से जुड़ा खर्च बढ़ जाएगा।
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इस नियम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों समेत ज्यादातर नियोक्ताओं को धार्मिक आपत्तियों के नाम पर महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराने से छूट मिल जाती। कुछ निजी कंपनियां नैतिक आधार पर भी आपत्ति जता सकती थीं।
ये नियम सोमवार से प्रभावी होने वाले थे। पेनसिल्वेनिया के अटॉर्नी जनरल जोश सापिरो ने फैसले को, “महिलाओं के स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्वतंत्रता की जीत बताया।”
ओबामा हेल्थ केयर कानून के तहत नियोक्ताओं के लिए अपनी महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराना अनिवार्य है और सिर्फ धार्मिक संगठनों को ही इससे छूट प्राप्त है।
लेकिन ट्रंप प्रशासन के कानून के तहत कोई भी नियोक्ता धार्मिक और नैतिक कारण देकर इससे छूट पा सकता है। (इनपुट:एपी)
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ट्रंप प्रशासन के बनाए इस कानून के लागू होने से अमेरिका के अधिकतम नियोक्ताओं को यह तय करने की छूट मिल जाएगी कि वह महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराना चाहते हैं या नहीं।
फिलाडेल्फिया में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज वेंडी बीटलस्टोन पेनसिल्वेनिया द्वारा दायर वाद पर सुनवाई को सहमत हुईं। इस वाद में नियम लागू होने से राज्यों को होने वाले संभावित नुकसानों का हवाला दिया गया।
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बीटलस्टोन ने अपने फैसले में कहा कि कई नागरिक परिवार नियोजन कवरेज के दायरे से बाहर हो जाएंगे और इससे सरकारी गर्भनिरोधक सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही अनचाहे गर्भ से जुड़ा खर्च बढ़ जाएगा।
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इस नियम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों समेत ज्यादातर नियोक्ताओं को धार्मिक आपत्तियों के नाम पर महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराने से छूट मिल जाती। कुछ निजी कंपनियां नैतिक आधार पर भी आपत्ति जता सकती थीं।
ये नियम सोमवार से प्रभावी होने वाले थे। पेनसिल्वेनिया के अटॉर्नी जनरल जोश सापिरो ने फैसले को, “महिलाओं के स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्वतंत्रता की जीत बताया।”
ओबामा हेल्थ केयर कानून के तहत नियोक्ताओं के लिए अपनी महिला कर्मचारियों को परिवार नियोजन के साधन नि:शुल्क मुहैया कराना अनिवार्य है और सिर्फ धार्मिक संगठनों को ही इससे छूट प्राप्त है।
लेकिन ट्रंप प्रशासन के कानून के तहत कोई भी नियोक्ता धार्मिक और नैतिक कारण देकर इससे छूट पा सकता है। (इनपुट:एपी)