फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   America will sell weapons to Taiwan by ignoring China

अमेरिका ने किया चीन को चुभने वाला काम, 'रख दी गले पर छुरी..'

Tue, 25 Sep 2018 05:21 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 25 Sep 2018 05:21 PM IST
विज्ञापन
America will sell weapons to Taiwan by ignoring China

रूस के साथ हथियार खरीद सौदा होने के बाद अमेरिका ने चीन पर प्रतिबंध लगाकर जो नाराजगी मोल ली वह और आगे बढ़ गई है। चीन की तरफ से जिस ताइवान देश पर अपना होने का दावा ठोका जाता रहा है उसके साथ अमेरिका ने 33 करोड़ डॉलर के सैन्य साजो-सामान बेचने का सौदा कर लिया है। इस कदम पर चीन ने चिंता जताई है। आशंका है कि इस डील के बाद अमेरिका-चीन में तनाव और बढ़ेगा।

विज्ञापन


इससे पहले अमेरिका चीन के साथ आयात शुल्क के मुद्दे पर ट्रेड वॉर छेड़ रखा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि इस सौदे के तहत ताइवान के कई सैन्य विमानों के लिए अमेरिकी कलपुर्जे मुहैया कराए जाएंगे, जिनमें एफ-16 लड़ाकू विमान और सी-130 कार्गो प्लेन शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन ने ताइवान को 33 करोड़ डॉलर का सैन्य साजो-सामान बेचने को मंजूरी दे दी है। इस रक्षा डील पर आपत्ति उठाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के पास 30 दिन का समय होगा। इसे कांग्रेस की भी मंजूरी मिल जाने की पूरी संभावना है। 
विज्ञापन


चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इस सौदे पर गहरी चिंता जताई है जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ताइवान के साथ इस डील का बचाव किया है। पेंटागन के मुताबिक ताइवान की रक्षा क्षमताएं मजबूत करने से अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस डील से चीन का नाराज होना स्वाभाविक है, क्योंकि ताइवान की अपनी एक स्वतंत्र सरकार होने के बावजूद चीन ‘वन चायना’ नीति के तहत उसे अपना हिस्सा मानता है। इसीलिए ताइवान के साथ किसी भी देश का सहयोग चीन को चुभता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रेड वॉर पर चीन बोला, दूसरे के गले पर छुरी रख रहा अमेरिका

चीन ने मंगलवार को कहा कि उसके लिए अमेरिका के साथ ऐसे हालत में व्यापार पर बातचीत करना असंभव है जबकि वह उसके खिलाफ लगातार ऊंचे शुल्क लगाए जा रहा है। चीन ने अमेरिका की इस तरह की व्यापार कार्रवाई की तुलना ‘दूसरे के गले पर छुरी रखने’ से की है। चीन का यह बयान अमेरिका में आयातित 200 अरब डॉलर मूल्य के चीनी माल पर 10 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाने की कार्रवाई के एक दिन बाद आया है। 

चीन के वाणिज्य उप-मंत्री वांग शोउवेन ने कहा, ‘अमेरिका ने इतने बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाकर दूसरे के गले पर छुरी रख दी है, इन हालातों में वार्ता कैसे हो सकती है।’ अमेरिका ने पहले से ही 60 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर 25 प्रतिशत तक का ऊंचा शुल्क लगा रखा है। जवाब में चीन ने भी अमेरिका से 60 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क लगाने का निर्णय किया है। चीन के उद्योग व सूचना प्रौद्योगिकी उपाध्यक्ष लुओ वेन ने कहा कि हम चीनी कंपनियों को उन्हें आ रही परेशानियों से उबारने में हर तरह के उपाय करेंगे। चीन ने कंपनियों के लिए करों का बोझ कमजोर करते हुए कारोबारी माहौल को अनुकूल बनाने का प्रयास किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed