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ट्रैवल बैन पर ट्रंप के वकील और अटार्नी जनरल पर बरसे जज

Wed, 08 Feb 2017 11:43 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन Updated Wed, 08 Feb 2017 11:43 PM IST
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america: Travel ban hearing

ट्रंप द्वारा यात्रा प्रतिबंध के फैसले के बचाव में उतरे अमेरिकी न्याय विभाग के वकीलों ने तीन सदस्यों वाली अपील अदालत में कहा कि राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश के खिलाफ अदालत को कोई आदेश नहीं देना चाहिए था। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा की दलील भी दी, लेकिन जजों के पैनल ने उन्हें खोखला बताया। न्यायाधीशों ने उन अटार्नी जनरलों से भी तीखे सवाल पूछे जिनका दावा था कि यह प्रतिबंध मुस्लिमों को असंवैधानिक रूप से निशाना बनाते हैं। न्यायाधीशों के पैनल ने दोनों पक्षों की खिंचाई की।

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न्याय विभाग के वकील अगस्त ई. फ्लेंजे ने अपनी दलीलों पर कहा कि - ‘मैं यह नहीं कह सकता हूं कि मैंने अदालत को संतुष्ट कर दिया है।’ सेन फ्रांसिस्को के नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में हुई इस सुनवाई के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि ट्रंप के यात्रा प्रतिबंध को को चुनौती देने की स्थिति में निचली अदालत द्वारा कार्यकारी आदेश पर लगाई गई रोक जारी रखी जा सकती है या नहीं।
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लेकिन न्यायाधीशों का पैनल ट्रंप के आदेश से जुड़े व्यापक संवैधानिक सवालों की तरफ चले गए। इस बीच अगस्त फ्लेंजे ने कहा कि सरकार ने प्रतिबंध के समर्थन में अब तक साक्ष्यों को शामिल नहीं किया है। हालांकि उन्होंने अमेरिका में कई सोमालियाई लोगों के बारे में जरूर बताया जो आतंकी समूह ‘अल-शबाब’ से जुड़े हुए हैं।

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न्यायाधीश के सवालों के आगे खामोश हो गए सरकारी वकील

america: Travel ban hearing
सांकेतिक चित्र

दूसरी तरफ न्यायाधीश रिचर्ड क्लिफ्टन ने वाशिंगटन और मिनेसोटा प्रांतों का पक्ष रखने वाले अटार्नी जनरलों से पूछा कि उनके पास क्या सबूत हैं कि यह प्रतिबंध धर्म से प्रेरित है। इन प्रांतों ने प्रतिबंध को चुनौती दी है। न्यायाधीश ने कहा कि - ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि हम इसे धार्मिक भावना से क्यों जोड़ रहे हैं, जबकि वास्तव में मुस्लिमों की बड़ी आबादी इससे प्रभावित नहीं होगी।’ जज ने गणनाओं का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया के सिर्फ 15 फीसदी मुस्लिम ही प्रभावित हुए हैं, जबकि आतंकवादी इस्लामी पंथों से जुड़े लोगों के कारण जो चिंताएं पैदा हुई हैं उन्हें नजरअंदाज करना भी मुश्किल है।

न्यायाधीश के सवालों के आगे खामोश हो गए सरकारी वकील
अमेरिकी न्याय विभाग के सरकारी वकील अगस्त ई. फ्लेंजे ने ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों के नागरिकों की यात्रा पर लगाए प्रतिबंध पर कहा कि - ‘यह एक पारंपरिक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला है।’ तब पैनल में शामिल महिला जज मिशेल टी. फ्रेंडलैंड ने पूछा कि - ‘क्या आप कहना चाहते हैं कि राष्ट्रपति का फैसला समीक्षा योग्य नहीं है।’

इस पर सरकारी वकील खामोश रह गए। कुछ देर बाद फ्लेंजे ने कहा कि - ‘निश्चित रूप से इसकी संवैधानिक सीमाएं हैं, लेकिन हम जोखिम का आकलन कर रहे हैं।’ इस पर जज फ्रेंडलैंड ने उन सीमाओं के बारे में पूछ लिया जिसका फ्लेंजे कोई उत्तर नहीं दे पाए।

पाक अथवा किसी नए देश को शामिल करने का फिलहाल विचार नहीं : यूएस
सात देशों पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद ऐसी खबरें आयीं थीं कि ट्रंप सरकार पाकिस्तान पर आव्रजन लगाने पर विचार कर रही है, लेकिन व्हाइट हाउस प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सात देशों की सूची में किसी नए देश का नाम जोड़ने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय ट्रंप प्रशासन अमेरिका व अन्य सभी देशों के बीच की प्रक्रियाओं व जांच संबंधी प्रणालियों पर गौर कर रहा है। स्पाइसर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि समीक्षा की अवधि खत्म होने तक कुछ भी तय नहीं है।

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