{"_id":"5b9c1745867a557feb4e298a","slug":"america-s-allegations-india-is-giving-huge-subsidy-to-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका का आरोप, किसानों को भारी सब्सिडी दे रहा भारत, बताया व्यापार नीति बर्बाद करने वाला कदम ","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
अमेरिका का आरोप, किसानों को भारी सब्सिडी दे रहा भारत, बताया व्यापार नीति बर्बाद करने वाला कदम
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:47 AM IST
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अमेरिका ने एक बार फिर भारत पर चावल और गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों को भारी मात्रा में सब्सिडी देने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि किसानों पर भारत की घरेलू नीति को लेकर चावल और गेहूं का उत्पादन करने वाले अन्य देशों को चिंतित होने की जरूरत है। अमेरिका ने किसानों को लेकर भारत की नीति को दुनिया के लिहाज से व्यापार नीति बर्बाद करने वाला बताया है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के चीफ एग्रीकल्चर निगोशिएटर ऑफिस ग्रेगरी डाउड ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा, ‘चावल या गेहूं का उत्पादन करने वाले हर देश को भारत की सब्सिडी वाली नीति को लेकर चिंतित होना चाहिए।’ इस साल मई में ग्रेगरी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भी भारत नीति पर अपना विरोध दर्ज कराया था।
यह व्यापारिक झगड़ा तब और ज्यादा तूल पकड़ेगा जब भारत की हालिया उस कृषि नीति को लेकर डब्ल्यूटीओ में सवाल उठाए जाएंगे, जिसमें 23 फसलों पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना बतौर न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को देना तय किया गया है।
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अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटथाइजर ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह भारत को डब्ल्यूटीओ में घसीटने की सोच रहे हैं, क्योंकि पेश किए गए आंकड़ों में गेहूं और चावल पर दी जाने वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य की मात्रा अधिकृत 10 प्रतिशत से बहुत ज्यादा यानी 60 और 70 प्रतिशत बनती है।
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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के चीफ एग्रीकल्चर निगोशिएटर ऑफिस ग्रेगरी डाउड ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा, ‘चावल या गेहूं का उत्पादन करने वाले हर देश को भारत की सब्सिडी वाली नीति को लेकर चिंतित होना चाहिए।’ इस साल मई में ग्रेगरी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भी भारत नीति पर अपना विरोध दर्ज कराया था।
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यह व्यापारिक झगड़ा तब और ज्यादा तूल पकड़ेगा जब भारत की हालिया उस कृषि नीति को लेकर डब्ल्यूटीओ में सवाल उठाए जाएंगे, जिसमें 23 फसलों पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना बतौर न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को देना तय किया गया है।
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अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटथाइजर ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह भारत को डब्ल्यूटीओ में घसीटने की सोच रहे हैं, क्योंकि पेश किए गए आंकड़ों में गेहूं और चावल पर दी जाने वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य की मात्रा अधिकृत 10 प्रतिशत से बहुत ज्यादा यानी 60 और 70 प्रतिशत बनती है।