फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   America has such nuclear weapons, which can destroy the earth.

अमेरिका के पास ऐसे परमाणु हथियार, जो कर सकते हैं धरती को तबाह

Fri, 14 Jul 2017 12:31 PM IST
BBC
BBC Updated Fri, 14 Jul 2017 12:31 PM IST
विज्ञापन
 America has such nuclear weapons, which can destroy the earth.
Nuclear weapon

अमेरिका के पास दशकों से ऐसे परमाणु हथियार हैं जो धरती को इतनी बुरी तबाह कर सकते हैं ये इंसान के रहने लायक भी न रह जाए। लेकिन शायद इतना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए नाकाफी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स में छपे एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा "बहुत अच्छा हो अगर किसी देश के पास परमाणु हथियार हों ही ना।

विज्ञापन

 

लेकिन चूंकि ऐसा नहीं होगा इसलिए ऐसे हथियार रखने के मामले में अमेरिका को ही सबसे आगे रहना होगा।" अमेरिका के हथियारों का जखीरा ब्रिटेन के मुकाबले 31 गुना और चीन के मुकाबले 26 गुना बड़ा है।

विज्ञापन



ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का बयान दिया है। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भी ट्रंप ने एक ट्वीट कर कहा था कि अमेरिका को अपनी परमाणु क्षमता बढ़ानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


वॉशिंगटन स्थित संस्था आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार केवल रूस ही है जो परमाणु शक्ति के मामले में फिलहाल अमेरिका से आगे है। अमेरिका के पास कुल 6,800 परमाणु
हथियार हैं जबकि रूस के पास 7,000 ऐसे हथियार हैं।

 

अमेरिका और रूस ही दो ऐसे देश है जिनके पास परमाणु हमले के लिए जरूरत से ज्यादा हथियार हैं। दोनों के पास दुनिया में मौजूद कुल 15,000 ऐसे हथियारों का 90 फीसदी है। इस लिस्ट में 300 हथियारों के साथ फ्रांस तीसरे नंबर पर है।

 America has such nuclear weapons, which can destroy the earth.
डोनाल्ड ट्रम्प

साल 2010 में प्राग में हुए स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी के तहत अमेरीका और रूस को अप्रैल 2018 तक अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को एक समान करना होगा। इसके बाद 2020 में दोनों
देशों के बीच नए समझौते पर विचार किया जाना है। इस समझौते को ट्रंप पहले ही 'एकतरफा' बता चुके हैं। ट्रंप ने रॉयटर्स से कहा, "चाहे वो हमारा मित्र ही क्यों ना हो, हम किसी देश से पीछे नहीं
रहेंगे। परमाणु शक्ति के मामले में तो हम आगे ही होंगे।"


नैटो समझौते के तहत अमेरिका ने बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीडरलैंड और तुर्की में अपने परमाणु हथियार तैनात किए हैं। कनाडा, ब्रिटेन और मिस्र में भी उसके हथियार थे जो बाद में हटा लिए गए।
इसके अलावा सैन्य ठिकानों पर और युद्धपोतों पर भी ऐसे हथियार रखे गए हैं। फाउंडेशन ऑफ पीस इन दी न्यूक्लियर एरा के कार्यकारी निदेशक रिक वेमैन ने बीबीसी को बताया कि राष्ट्रपति की
कोशिशें 'कतई तर्कसंगत नहीं।' वेमैन ने कहा "मौजूदा समझौतों के ख़िलाफ़ जाने की कोई वजह नहीं है।"


वो कहते हैं कि इस मामले में अमेरिका दोगली नीतियां रखता है। कोई अन्य देश परमाणु हथियार बनाए तो अमेरिका इसके खिलाफ कड़े कदम उठाता है जबकि उसके खुद के पास दूसरों से कई गुना अधिक हथियार हैं। वो कहते हैं कि इन तथाकथित रणनीतिक हथियारों से धरती को बुरी तरह हानि ना हो ये अमेरिका के हाथों में है। हालांकि ऐसा नहीं है कि अकेला ये ही ऐसा देश है जो धरती को
इंसान के रहने लायक ना रहने दे।

 America has such nuclear weapons, which can destroy the earth.
डोनाल्ड ट्रम्प

एक शोधकर्ता बताते हैं, "ट्रंप जो कह रहे हैं वो सच है भी या नहीं ये जानना मुश्किल है। लेकिन परमाणु हथियारों को दूसरों के डराने या धमकाने के लिए इस्तेमाल करने की बात सही नहीं है।"
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार परमाणु हथियार धरती पर मौजूद सबसे ताकतवर हथियार हैं। निरस्त्रीकरण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय का कहना है, "इससे ना केवल एक पूरे शहर को खत्म किया जा सकता है बल्कि लाखों लोगों का मारा जा सकता है और पर्यावरण को और आनेवाली पीढ़ी को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।"

आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन का कहना है, "ट्रंप की बातों से लगता है कि उन्हें परमाणु हथियारों और इसके खतरों के बारे में जानकारी नहीं है। शीत युद्ध का इतिहास बताता है कि हथियारों की जंग में किसी की जीत नहीं होती।"

रिक वेमैन के अनुसार "1962 के क्यूबा मिसाइल संकट से शायद हमने कुछ भी नहीं सीखा।" वो कहते हैं, "हमने कुछ नहीं सीखा इसका सबूत ये है कि ऐसे हथियार आज भी मौजूद है और आज उनसे
पहले से अधिक खतरा है।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed