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गजबः 125 साल बाद मिला 'वकालत का लाइसेंस'

Fri, 20 Mar 2015 09:00 AM IST
Updated Fri, 20 Mar 2015 09:00 AM IST
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america given law licence to chinese migrant

कैलिफोर्निया की सुप्रीम कोर्ट ने चीन के एक अप्रवासी को उसकी मौत के सालों बाद वकालत पेशे की शुरुआत करने के लिए लाइसेंस (लॉ लाइसेंस) दिया है, जिसे 125 साल पहले वकील बनने से रोक दिया गया था।

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हांग येन चांग को इसी अदालत ने 1890 में वकालत करने से मना कर दिया था, क्योंकि उन दिनों मंगोल नस्ल के लोगों को अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जाती थी।

अपने नौ पन्ने के आदेश में अदालत ने कहा है कि पहले किया गया फ़ैसला गलत था। साल 2011 से ही चांग को लाइसेंस दिए जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था।

चांग वर्ष 1872 में अमेरिका आए थे। उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से 1879 में अंडर ग्रेजुएड डिग्री हासिल की और 1886 में कोलंबिया लॉ स्कूल से क़ानून की डिग्री हासिल की थी।

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नहीं मिली इजाजत

america given law licence to chinese migrant

डिग्री पाने के एक साल बाद न्यूयॉर्क राज्य ने चांग को वकालत करने से ये कहते हुए रोक दिया था कि वो यहां के नागरिक नहीं थे। जब एक जज ने उन्हें नागरिकता दी और राज्य विधायिका ने एक कानून पारित कर उन्हें दोबारा आवेदन देने की इजाज़त दी।

इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क की अदालत में वकील के तौर पर शामिल किया गया और वह अमेरिका में पहले चीनी मूल के वकील बने। बाद में चांग कैलिफोर्निया आ गए क्योंकि वह सैन फ़्रांसिस्को में चीन के लोगों के लिए अपनी सेवाएं देना चाहते थे।

वर्ष 1890 में कैलिफोर्निया की सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए फिर से लॉ लाइसेंस रद्द कर दिया, कि उनकी नागरिकता आप्रवासी क़ानून का उल्लंघन करती है।

लेकिन 2014 में मैक्सिको के एक अप्रवासी को कैलिफोर्निया की सुप्रीम कोर्ट ने लॉ लाइसेंस जारी किया तो चांग के समर्थन में भी उठने वाली आवाजें जोर पकड़ने लगीं।

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