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अमेरिकी रक्षामंत्री की PAK को सलाह- आतंकवाद को पनाह देना छोड़ो, भारत से मिलेंगे आर्थिक लाभ
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Thu, 05 Oct 2017 09:30 AM IST
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US defence secretary Jim Mattis
- फोटो : Reuters
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अमेरिका ने इस बार पाकिस्तान को चेतावनी देने की जगह उसके फायदे की बात कही है। ट्रंप प्रशासन की तरफ से यूएस के रक्षामंत्री ने कहा अगर पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देना बंद कर देगा तो उसको भारत से आर्थिक फायदे हो सकते हैं। दरअसल, जिम मैटिस से पूछा गया था कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा और पनाह देने से रोकने के लिए क्या करेगा?
इसपर मैटिस बोले भारत का पड़ोसी होने की वजह से उसको आर्थिक, कूटनीतिक दृष्टि से काफी फायदा हो सकता है। मैटिस ने आगे कहा कि जबतक आतंकवाद को मिलने वाली मदद बंद नहीं होगी तबतक अफगानिस्तान समेत साऊथ एशिया में भारत-पाकिस्तान के आसपास स्थिरीकरण होना आसान नहीं होगा। मैटिस ने यह भी कहा कि आतंकवादियों से लड़ते हुए जितने जवान भारत खो रहा है उतना शायद ही कोई देश खो रहा हो।
पढ़ें: OBOR पर भारत के साथ आया US, कहा- विवादित क्षेत्र से गुजर रहा चीन का प्रोजेक्ट
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मैटिस ने यह बात सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी के सामने कही। वहां सीनेटर्स के मन में यह सवाल बार-बार उठ रहा था कि पाकिस्तान को आतंकवाद का रास्ता छोड़ने के लिए कैसे मजबूर किया जाए।
इससे पहले मैटिस ने चीन के इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर भी नाराजगी जताई थी। इस विरोध के साथ ही अमेरिका भारत के साथ आकर खड़ा हो गया क्योंकि भारत शुरुआत से ही इस प्रोजेक्ट के विरोध में है।
मैटिस पिछले हफ्ते ही भारत आए थे, यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। दोनों से मुलाकात के बाद भी मैटिस ने कहा था कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों को बख्शा नहीं जाएगा।
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इसपर मैटिस बोले भारत का पड़ोसी होने की वजह से उसको आर्थिक, कूटनीतिक दृष्टि से काफी फायदा हो सकता है। मैटिस ने आगे कहा कि जबतक आतंकवाद को मिलने वाली मदद बंद नहीं होगी तबतक अफगानिस्तान समेत साऊथ एशिया में भारत-पाकिस्तान के आसपास स्थिरीकरण होना आसान नहीं होगा। मैटिस ने यह भी कहा कि आतंकवादियों से लड़ते हुए जितने जवान भारत खो रहा है उतना शायद ही कोई देश खो रहा हो।
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मैटिस ने यह बात सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी के सामने कही। वहां सीनेटर्स के मन में यह सवाल बार-बार उठ रहा था कि पाकिस्तान को आतंकवाद का रास्ता छोड़ने के लिए कैसे मजबूर किया जाए।
इससे पहले मैटिस ने चीन के इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर भी नाराजगी जताई थी। इस विरोध के साथ ही अमेरिका भारत के साथ आकर खड़ा हो गया क्योंकि भारत शुरुआत से ही इस प्रोजेक्ट के विरोध में है।
मैटिस पिछले हफ्ते ही भारत आए थे, यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। दोनों से मुलाकात के बाद भी मैटिस ने कहा था कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों को बख्शा नहीं जाएगा।