फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   america blames to china for hacking

चीन कर रहा है अमेरिका की हैकिंग?

Tue, 20 May 2014 03:20 PM IST
Updated Tue, 20 May 2014 03:20 PM IST
विज्ञापन
america  blames to china for hacking

साइबर जासूसी के अपनी तरह के पहले मामले में अमेरिका ने चीन के पांच सैन्य अधिकारियों पर हैकिंग का आरोप लगाया है। प्रतिस्पर्धा में लाभ पाने के उद्देश्य से की गई हैकिंग का ये मामला निजी क्षेत्र की अमेरिकी कंपनियों से जुड़ा हुआ है।

विज्ञापन


अमेरिका के एटार्नी जनरल एरिक होल्डर ने चीन के कथित धोखाधड़ी के इस मामले को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार की ओर से गंभीर कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिका में अभियोग पक्ष के वकील ने चीन के सैन्य अधिकारियों पर अमेरिका की पांच निजी कंपनियों और एक श्रम संगठन से आंतरिक दस्तावेजों और कारोबारी राज चुराने का आरोप लगाया है। चीन ने अमेरिका का इन आरोपों का खंडन किया और चेताया है कि इससे चीन और अमेरिका के रिश्ते तल्ख़ हो सकते हैं।
विज्ञापन


पहला मामला

चीनी नागरिकों पर लगे हैकिंग के आरोप के बारे में सोमवार को वाशिंगटन में एटार्नी जनरल एरिक होल्डर ने कहा कि अमेरिकी व्यावसायिक ठिकानों में घुसपैठ के लिए परिचित देशों की ओर से की जाने वाली हैकिंग का ये पहला मामला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने हैकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पांच व्यावसायिक ठिकानों और एक श्रम संगठन के नाम भी बताएं। ये नाम हैं- वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक्स, यूएस स्टील, एल्को इंक, एलीगेनी टेक्नोलॉजी, सोलर वर्ल्ड और यूएस स्टीलवर्कस् यूनियन।

होल्डर का कहना है, "कथित हैकिंग का एकमात्र मकसद अमेरिकी कारोबार के खर्च पर चीन की सरकारी कंपनियों और दूसरे हितों को लाभ पहुंचाना था।"

कथित हैकर्स के रूप में यूनिट संख्या 61398 में काम करने वाले वांग डांग, सन कईलियांग, वेन जिनयू, हुआंग झेनू और गू चुनहुई की पहचान की गई है। सूत्रों के मुताबिक ये पांचों अभियुक्त चीनी पीपुल्ल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से जुड़े हैं।

एफीआई अधिकारियों की जानकारी के अनुसार साल 2006 से 2014 के बीच हुई हैकिंग से अमेरिकी कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अधिकारियों ने इस बात की भी आशंका जताई कि हैकिंग के इससे भी ज्यादा मामले हो सकते हैं।

एटार्नी जनरल एरिक होल्डर कहते हैं कि अमेरिकी सरकार व्यापारिक रणनीति को सफल बनाने के लिए इस्तेमाल की गई इस तरह की आर्थिक जासूसी की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा करती है।

अमेरिका के आरोप पर चीन का पैंतरा

america  blames to china for hacking

इधर न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग प्रमुख, जॉन कर्लिन बताते हैं, "ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिकी कंपनियों से जानकारियां चुराने के लिए इस्तेमाल किए गए की-बोर्ड के पीछे छिपे नाम और चेहरे को सार्वजनिक किया गया है।"

कार्लिन ने आगे बताया, "जिस वक्त हमारी कंपनी के लोग वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए कुछ नया ईजाद करने, विकसित करने और रणनीति बनाने में सिर खपा रहे थे, 61398 यूनिट में काम करने वाले ये लोग अपने फायदे के लिए हमारी मेहनत चुरा रहे थे।"

कार्लिन ने कहा, "पहले जब हमने चीन की सरकार से इस मसले पर चिंता जताई तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से हमें चुनौती देते हुए हैकिंग का सबूत देने को कहा था, जो अदालत में काम आ सके। लेकिन आज, वो सबूत हमारे पास है।"

मार्च में रक्षा सचिव चुक हेगल ने कहा था कि पेंटागन इंटरनेट से जुड़े इन हमलों से निपटने के लिए अगले कुछ सालों के भीतर अपनी साइबर सुरक्षा क्षमता को तिगुने से भी ज्यादा ताकतवर करने की योजना बना रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने साइबर हमले को अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए असली ख़तरा बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed