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जानिए, राजनयिक देवयानी पर क्या हैं आरोप?

Fri, 20 Dec 2013 03:29 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 20 Dec 2013 03:29 PM IST
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allegations on devyani

अमरीका की अदालत में प्रस्तुत अभियोग पत्र अनुसार भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े पर धोखाधड़ी और ग़लतबयानी का आरोप है। अदालत में प्रस्तुत इस अभियोग पत्र के कुछ ख़ास बिंदु।

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अमरीकी विदेश मंत्रालय के डिप्लोमेटिक सिक्योरिटी सर्विसेज़ के स्पेशल एजेंट मार्क जे स्मिथ के हवाले से।


पहला आरोपः वीज़ा में धोखाधड़ी
खोबरागड़े ने अमरीकी विदेश मंत्रालय को जानबूझकर ऐसा रोज़गार अनुबंध दिया जिसमें ग़लत सूचना दी गई थी, जिसमें ग़लतबयानी की गई थी। यह अनुबंध खोबरागड़े ने एक अन्य व्यक्ति के लिए वीज़ा पाने के लिए प्रस्तुत किया था। (टाइटल 18, यूनाइटेड स्टेट्स कोड, सेक्शन 1546(ए) और 2)
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दूसरा आरोपः ग़लतबयानी
खोबरागड़े ने चालबाजी करके ग़लत सूचनाएं और बयान दिए। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अमरीकी दूतावास में एक दूसरे व्यक्ति को भी वीज़ा आवेदन के लिए जानबूझकर ग़लत बयान देने पर मजबूर किया। (टाइटल 18, यूनाइटेड स्टेट्स कोड, सेक्शन 1001 और 2)
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स्पेशल एजेंट ने अमरीकी अदालत को यह भी बताया है कि उन्होंने ये आरोप किस आधार पर लगाए हैं। उनके द्वारा कोर्ट को बताए गए कुछ प्रमुख कारण निम्न हैं–

-खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 को बताया कि वो बच्चे की देखभाल करने वाली एक आया खोज रही हैं जो कि उनके न्यूयॉर्क स्थित घर पर कुछ घरेलू काम भी कर सके। बातचीत करने के बाद खोबरागड़े गवाह संख्या-1 को 30,000 रुपए हर महीने देंगी। खोबरागड़े ने यह भी कहा कि वो गवाह संख्या-1 का काम देखेंगी।

-गवाह संख्या-1 और गवाह संख्या-2 अभियुक्त देवयानी खोबरागड़े से उनके न्यूयॉर्क आवास पर गवाह संख्या-1 की नौकरी के संबंध में मिले। खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 को 25,000 रुपए हर महीने और ओवर टाइम करने पर 5,000 रुपए अतिरिक्त देने का प्रस्ताव दिया।

-मैंने विदेशी मुद्रा विनिमय की दर निर्धारित करने वाले अमरीका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट की समीक्षा की तो पाया कि सितंबर, 2012 में एक डॉलर की विनिमय दर 52।35 भारतीय रुपए थी। इस दर के अनुसार 30,000 रुपए 573।07 अमरीकी डॉलर के बराबर हुआ। इस मासिक तनख़्वाह और प्रत्येक सप्ताह के 40 घंटे के हिसाब से एक महीने (क़रीब चार सप्ताह तीन दिन) में कुल काम के घंटों के आधार पर प्रति घंटा भुगतान की दर 3।31 डॉलर होगी।

-मेरी जानकारी के अनुसार अभियुक्त ने अपने वीज़ा आवेदन में कहा था कि गवाह संख्या-1 को हर माह 4,500 अमरीकी डॉलर पारिश्रमिक दिया जाएगा।

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-खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 से कहा था कि उसके वीज़ा इंटरव्यू के दौरान उसके प्रथम रोज़गार अनुबंध के बारे में पूछा जाएगा। खोबरागड़े ने उसे बताया कि उसे इंटरव्यू के दौरान कहना है कि उसे 9।75 अमरीकी डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से पारिश्रमिक मिलेगा और हफ़्ते में 40 घंटे काम करना पड़ेगा। खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 को यह कहने को भी कहा कि उसके काम का वक़्त सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक और शाम साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक होगा। खोबरागड़े ने इंटरव्यू के दौरान हर महीने 30,000 रुपए दिए जाने के बारे में किसी तरह की जानकारी देने से मना किया था।

-गवाह संख्या-2 का मेरे द्वारा लिए गए इंटरव्यू के अनुसार 11 नवंबर, 2012 को या उसके आसपास गवाह संख्या-1 और गवाह संख्या-2 अमरीकी दूतावास में वीज़ा इंटरव्यू के लिए खोबरागड़े के घर रोज़गार अनुबंध लेने गईं थीं। अभियुक्त देवयानी खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 को रोज़गार अनुबंध दिया। इस अनुबंध पर गवाह संख्या-2 ने गवाह के रूप में दस्तख़त किए थे।

-इस प्रथम रोज़गार अनुबंध में कहा गया है कि अमरीका क़ानून के हिसाब से इस गवाह संख्या-1 को न्यूनतम वेतन या बाज़ार वेतन में से जो भी अधिक होगा मिलेगा। गवाह संख्या-1 का मिलने वाला अनुमानित पारिश्रमिक 9।75 अमरीकी डॉलर प्रति घंटा होगा।

-गवाह संख्या-1 के साथ इंटरव्यू से मुझे पता चला कि अमरीका आने से कुछ समय पहले ही खोबरागड़े ने गवाह संख्या-1 को घर पर बुलाकर कहा कि गवाह संख्या-1 को एक और रोज़गार अनुबंध (द्वितीय रोज़गार अनुबंध) पर दस्तख़त करने होंगे। गवाह संख्या-1 ने इस दूसरे रोज़गार अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे।

-इस दूसरे अनुबंध में कहा गया था कि गवाह संख्या-1 को हर महीने 25,000 रुपए पारिश्रमिक मिलेगा। ओवर टाइम के लिए उसे 5,000 रुपए मिलेंगे। ओवर टाइम यानी इतवार या पार्टी इत्यादि में काम करना। किसी भी सूरत में उसकी तनख्वाह 30,000 से ज्यादा नहीं होगी।

-दूसरे रोज़गार अनुबंध में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है कि गवाह संख्या-1 को हर हफ़्ते या हर महीने कितने घंटे काम करना होगा। दूसरे अनुबंध में काम के घंटे के बारे में केवल एक ही जानकारी दी गई है कि गवाह संख्या-1 को रह हफ़्ते एक दिन की छुट्टी मिलेगी और सामान्य तौर पर छुट्टी का दिन इतवार होगा।


-दूसरे अनुबंध में छुट्टी के घंटे, त्योहार, बीमारी और वार्षिक अवकाश के लिए छुट्टी इत्यादि का कोई ज़िक्र नहीं है।

-दूसरे रोज़गार अनुबंध में प्रथम रोज़गार अनुबंध की तरह यह उल्लेख नहीं था कि खोबरागड़े अमरीका में वहाँ के संघीय, प्रांतीय और स्थानीय क़ानूनों का पालन करेंगी।

-गवाह संख्या-1 से लिए गए इंटरव्यू से मुझे पता चला कि गवाह संख्या-1 ने देवयानी खोबरागड़े के न्यूयॉर्क स्थित आवास पर क़रीब नवंबर, 2012 से जून, 2013 तक काम किया। प्रथम रोज़गार अनुबंध के उलट गवाह संख्या-1 ने हर हफ़्ते 40 घंटे से ज़्यादा काम किया और उसे 9।75 अमरीकी डॉलर से कम पारिश्रमिक दिया गया। यहाँ तक कि गवाह संख्या-1 और खोबरागड़े के बीच हुई मौखिक सहमति और दूसरे अनुबंध में तय पारिश्रमिक 30,000 रुपए प्रति माह से भी कम पारिश्रमिक दिया गया।

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