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भारत के खिलाफ प्रतिबंधों पर एडमिरल ने संसद को चेताया, रक्षा रिश्ते मजबूत बनाना चाहता है अमेरिका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 19 Apr 2018 04:50 PM IST
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donald trumph
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शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ रक्षा व सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखना चाहता है। दक्षिण एशिया में नई दिल्ली के प्रगाढ़ होते रिश्तों का समर्थन करते हुए भारत-अमेरिकी संबंधों पर अधिकारी ने कहा कि ट्रंप के समय से ज्यादा मजबूत रिश्ते दोनों देशों के बीच कभी नहीं रहे।
दक्षिण-मध्य एशियाई मामलों की प्रमुख उप सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सामरिक भागीदारी, कानून व्यवस्था को बनाए रखने तथा मुक्त व निष्पक्ष व्यापार जैसी साझा प्रतिबद्धताओं पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वेल्स ने कहा, दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी, नौवहन स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त व निष्पक्ष व्यापार पर दृढ़ता से कायम है। रक्षा-सुरक्षा सहयोग को बढ़ाते रहने की हमारी योजना है और हम क्षेत्र में भारत के बढ़ते संबंधों का समर्थन करते हैं।
सहायक विदेश मंत्री की गैर मौजूदगी में वेल्स पिछले एक साल से विदेश मंत्रालय के दक्षिण व मध्य एशिया ब्यूरो का कामकाज देख रही हैं। ट्रंप प्रशासन के एक साल से ज्यादा के कार्यकाल में भारत अमेरिकी रिश्तों पर उनकी राय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ट्रंप के समय से ज्यादा मजबूत और बेहतर रिश्ते दोनों के बीच कभी नहीं रहे। दुनिया के पुराने और बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत और अमेरिका स्वतंत्रता, स्पष्टता और शांति के समर्थन में अनेक मुद्दों पर जुड़े हुए हैं और इसी कारण हाल के समय में भारत व प्रशांत क्षेत्र में काफी समृद्धि आई है।
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दक्षिण-मध्य एशियाई मामलों की प्रमुख उप सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सामरिक भागीदारी, कानून व्यवस्था को बनाए रखने तथा मुक्त व निष्पक्ष व्यापार जैसी साझा प्रतिबद्धताओं पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वेल्स ने कहा, दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी, नौवहन स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त व निष्पक्ष व्यापार पर दृढ़ता से कायम है। रक्षा-सुरक्षा सहयोग को बढ़ाते रहने की हमारी योजना है और हम क्षेत्र में भारत के बढ़ते संबंधों का समर्थन करते हैं।
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सहायक विदेश मंत्री की गैर मौजूदगी में वेल्स पिछले एक साल से विदेश मंत्रालय के दक्षिण व मध्य एशिया ब्यूरो का कामकाज देख रही हैं। ट्रंप प्रशासन के एक साल से ज्यादा के कार्यकाल में भारत अमेरिकी रिश्तों पर उनकी राय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ट्रंप के समय से ज्यादा मजबूत और बेहतर रिश्ते दोनों के बीच कभी नहीं रहे। दुनिया के पुराने और बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत और अमेरिका स्वतंत्रता, स्पष्टता और शांति के समर्थन में अनेक मुद्दों पर जुड़े हुए हैं और इसी कारण हाल के समय में भारत व प्रशांत क्षेत्र में काफी समृद्धि आई है।
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अमेरिकी एडमिरल ने संसद को चेताया
रूस से रक्षा खरीद को लेकर भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर अमेरिका के एक शीर्ष एडमिरल ने अमेरिकी संसद को चेतावनी दी है। एडमिरल ने कहा कि ऐसे किसी भी कदम का हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रक्षा संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और सहयोगियों की निर्भरता रूस पर बढ़ेगी।
अमेरिका प्रशांत कमान कमांडर पद के लिए नामित एडमिरल फिलिप एस. डेविडसन ने कल नियुक्ति की मंजूरी के लिए हो रही सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से कहा कि भारत की सेना तकनीकों और प्रशिक्षण के लिए लंबे समय से सोवियत संघ और उसके बाद रूस पर निर्भर रही है। डेविडसन ने कहा, ‘हमें काफी हद तक उस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को तोड़ना होगा, तोड़ना सही काम नहीं है बल्कि उनके साथ मिलकर काम करना होगा ताकि हम भारत के साथ आगे बढ़ सकें।’
पेंटागन के शीर्ष एडमिरल ने संसद को चेताया कि अमेरिकी विरोधियों के खिलाफ प्रतिबंधों के जरिए सीएएटीएसए कानून के तहत रूस से रक्षा खरीद को लेकर भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगाना उसके साथ रिश्तों पर उल्टा असर डालेगा। सीएएटीएसए के तहत भारत के खिलाफ रूस से बड़ी रक्षा खरीदों, खास तौर पर एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद को लेकर प्रतिबंध लग सकता है।
अमेरिका प्रशांत कमान कमांडर पद के लिए नामित एडमिरल फिलिप एस. डेविडसन ने कल नियुक्ति की मंजूरी के लिए हो रही सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से कहा कि भारत की सेना तकनीकों और प्रशिक्षण के लिए लंबे समय से सोवियत संघ और उसके बाद रूस पर निर्भर रही है। डेविडसन ने कहा, ‘हमें काफी हद तक उस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को तोड़ना होगा, तोड़ना सही काम नहीं है बल्कि उनके साथ मिलकर काम करना होगा ताकि हम भारत के साथ आगे बढ़ सकें।’
पेंटागन के शीर्ष एडमिरल ने संसद को चेताया कि अमेरिकी विरोधियों के खिलाफ प्रतिबंधों के जरिए सीएएटीएसए कानून के तहत रूस से रक्षा खरीद को लेकर भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगाना उसके साथ रिश्तों पर उल्टा असर डालेगा। सीएएटीएसए के तहत भारत के खिलाफ रूस से बड़ी रक्षा खरीदों, खास तौर पर एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद को लेकर प्रतिबंध लग सकता है।