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एक तस्वीर से शुरु हुआ 34 बच्चों का सिलसिला

Wed, 24 Dec 2014 05:27 PM IST
रॉब ब्राउन, बीबीसी संवाददाता
रॉब ब्राउन, बीबीसी संवाददाता Updated Wed, 24 Dec 2014 05:27 PM IST
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A family of 34 children

जियान और पॉल ब्रिग्स के 34 बच्चे हैं। उनमें से 29 को उन्होंने मेक्सिको, घाना और यूक्रेन समेत कई देशों से गोद लिया है। अब उनका परिवार पहले से बड़ा होने वाला है। 1985 में जियान ब्रिग्स ने चर्च में दो साल के एक बच्चे की तस्वीर देखी। वो बच्चा नेत्रहीन था और मेक्सिको के एक अनाथालय में पल रहा था। बच्चे की पिटाई से उसकी टांगें टूट गई थीं और उसके दिमाग पर भी चोटें आई थीं। तस्वीर देखने के बाद जियान और उनके पति पॉल मेक्सिको गए।

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28 बच्चों को लिया गोद, सिलसिला जारी

जियान याद करती हैं, "मैंने उसे ऐसे देखा मानो वह मेरा बच्चा हो और मुझे तुरंत समझ आ गया था कि हमें उसे गोद लेना चाहिए।" उन्होंने यही किया। अब्राहम अब 31 साल के हैं और पश्चिमी वर्जीनिया में रहते हैं। उनकी एक गर्लफ्रेंड भी है। वे प्रतिभाशाली संगीतकार हैं और पियानो और गिटार बजाते हैं और खुद का संगीत रचते हैं। अब्राहम जब से परिवार का हिस्सा बने, ब्रिग्स दंपति ने रूस, यूक्रेन, बुल्गारिया और घाना से और 28 बच्चों को गोद लिया।
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उनके ख़ुद के पांच बच्चे हैं और इनको मिलाकर जियान और पॉल के 34 बच्चे हुए। मगर ब्रिग्स परिवार और विस्तार करना चाहता है।जियान घाना से दो और छोटे बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में हैं। वह बताती हैं, "वे बस तीन महीने के हैं और किसी ने उन्हें लावारिस छोड़ दिया था।" जाबिन कोफी और जॉन डेविड जल्द ही अमेरिका में इस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे।

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बच्चों के लिए घर में स्कूल

A family of 34 children

हर बच्चे को गोद लेने में परिवार को अलग-अलग वक्त लगा। सबसे कम समय दो महीने और सबसे ज्यादा करीब डेढ़ बरस लगा। बच्चों की मेडिकल जरूरतों की वजह से ब्रिग्स परिवार इस प्रक्रिया को जल्द निपटाने की कोशिश करता है। 29 साल में ज्यों-ज्यों परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ी, कई बदलाव भी हुए।

यहां फिलहाल नौ बेडरूम हैं, जो डॉरमेट्री जैसे लगते हैं। पांच हज़ार स्क्वेयर फीट का मकान अपने असल आकार से दोगुना बड़ा हो गया है। यहां बच्चे पढ़ते भी हैं। जियान इन्हें पिछले 30 साल से पढ़ा रही हैं। बच्चे रोज़ सुबह सात से साढ़े सात के दरमियान तैयार होते हैं, नाश्ता करते हैं और नौ बजे तक स्कूल पहुंच जाते हैं। कुछ बच्चों ने ग्रेजुएशन पूरी की है।

आसान नहीं होता खाने-पीने का इंतजाम करना

परिवार के लिए खाने-पीने का इंतजाम कोई आसान काम नहीं। बर्तन धोने वाली मशीन दिनभर में तीन बार चलाई जाती है। परिवार कागज की प्लेट भी इस्तेमाल करता है।
राशन का बिल हफ्ते में करीब एक हजार डॉलर आता है। पॉल का वेतन अच्छा है और जियान घर का बजट संभालती हैं। ब्रिग्स परिवार के बच्चों के लिए ज‌िंदगी कोई आसान बात नहीं रही है। कई घरेलू हिंसा, शोषण और भूख का सामना कर चुके हैं।


कुछ बच्चे अब्राहम की तरह अनाथ थे।24 साल के जोसेफ को यूक्रेन के एक अस्पताल में पैदा होने के बाद छोड़ दिया गया था। वे बताते हैं, "मेरे होंठ और तालू कटे हुए थे। लोग मेरा मज़ाक उड़ाते थे। मेरे अनाथालय के बच्चे हर साल छुट्टियां मनाने ब्लैक सी जाते थे पर मुझे अस्पताल भेज दिया जाता था।"

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